बलात्कार-पोक्सो के मामलों में 4 से 20 साल तक की कैद.

हजारीबाग : जिले में गंभीर आपराधिक मामलों के अनुसंधान और न्यायालय में प्रभावी पैरवी का असर अब फैसलों में भी दिखाई देने लगा है। हजारीबाग पुलिस की बेहतर जांच के आधार पर माननीय न्यायालय ने बलात्कार, पोक्सो, एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर मामलों में 18 दोषियों को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन मामलों का विवरण जारी किया गया है। इन मामलों में दोषियों को 4 वर्ष से लेकर अधिकतम 20 वर्ष तक के कारावास की सजा मिली है। कई मामलों में न्यायालय ने कारावास के साथ जुर्माना भी लगाया है। सबसे अधिक 20 वर्ष की सजा कटकमसांडी थाना कांड संख्या 77/23 और कांड संख्या 202/22 में सुनाई गई है।

कटकमसांडी के दो मामलों में 20-20 साल की सजा

कटकमसांडी थाना कांड संख्या 77/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 366ए एवं पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी को 20 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। वहीं कांड संख्या 202/22 में धारा 376(3) और पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।

बलात्कार और पोक्सो के कई मामलों में 10 साल की कैद

बरकट्ठा थाना कांड संख्या 215/20 में दोषी को 10 वर्ष की सजा के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं कांड संख्या 12/19 में भी दोषी को 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 03/25 में बलात्कार, पोक्सो एक्ट और आईटी एक्ट से जुड़े मामले में दोषी को 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 203/22 में भी दोषी को 10 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया। बड़कागांव थाना कांड संख्या 76/20 में बलात्कार एवं धमकी के मामले में दोषी को 10 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। गिद्धी थाना कांड संख्या 27/25 में बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी को 10 वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में भी दोषियों को सजा

मुफस्सिल थाना कांड संख्या 171/24 में बीएनएस, पोक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत दोषी को 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं मुफस्सिल थाना कांड संख्या 579/13 में बलात्कार, धमकी, पोक्सो और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले में दोषी को 8 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली।

अन्य मामलों में भी न्यायालय का सख्त फैसला

चौपारण थाना कांड संख्या 176/18, ईचाक थाना कांड संख्या 112/22, दारू थाना कांड संख्या 55/23 तथा ईचाक थाना कांड संख्या 134/21 में दोषियों को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। ईचाक के एक मामले में न्यायालय ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। बड़कागांव थाना कांड संख्या 29/25 में दोषी को 7 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना, कटकमदाग थाना कांड संख्या 116/21 में 5 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना तथा टाटीझरिया थाना कांड संख्या 57/21 में 4 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

अनुसंधान और पैरवी से मजबूत हुई पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, इन मामलों में पुलिस द्वारा किए गए बेहतर अनुसंधान, साक्ष्यों के संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है। पुलिस का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने के लिए अनुसंधान की गुणवत्ता और न्यायालयी पैरवी को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

रिपोर्टर - मुकेश सिंह 

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