उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में रसोइया धमना टोल प्लाजा पर गूंजा ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ का नारा
चौपारण/बरही : राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (पुराना एनएच-2) की बदहाल स्थिति, सड़क निर्माण में हो रही देरी और खराब सर्विस रोड की समस्या को लेकर रविवार को रसोइया धमना टोल प्लाजा पर ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। बरही के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव के नेतृत्व में आयोजित ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन के दौरान लोगों ने सड़क की बदहाली के खिलाफ आवाज बुलंद की और संबंधित विभागों से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
सड़क निर्माण में देरी और बदहाल सर्विस रोड से लोग परेशान
पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने सड़क की समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर सड़क की स्थिति में सुधार करने की मांग भी की है। उन्होंने सड़क निर्माण में देरी, जगह-जगह गड्ढों और सर्विस रोड की खराब स्थिति के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों को गंभीर बताया।
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, बरही से चौपारण होते हुए बरकट्ठा के गोरहर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के सिक्सलेन चौड़ीकरण का कार्य लंबे समय से चल रहा है। करीब 15 वर्षों से निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद कई स्थानों पर सड़क और सर्विस रोड की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधूरे निर्माण, धूल-गर्द और अव्यवस्थित यातायात के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ के नारे से उठाई जनहित की आवाज
रसोइया धमना टोल प्लाजा पर प्रदर्शन के दौरान ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ का नारा बुलंद करते हुए सड़क की बदहाली और टोल वसूली को लेकर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित और सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारी का जवाब देना चाहिए।
पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने और बदहाल सर्विस रोड की मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने सड़क की स्थिति में सुधार तथा आम लोगों को हो रही परेशानियों के समाधान पर जोर दिया।
सड़क की मरम्मत, निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग
आंदोलन के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने, खराब सर्विस रोड की तत्काल मरम्मत कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा हो और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिले।
अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
पूर्व विधायक के नेतृत्व में उठी यह आवाज राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों, वाहन चालकों और आसपास के ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानियों को सामने लाती है। लोगों की मांग है कि एनएचएआई और संबंधित निर्माण एजेंसी सड़क की बदहाली को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएं तथा निर्माण कार्य को जल्द पूरा करें।
रसोइया धमना टोल प्लाजा पर गूंजा ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ का नारा अब सड़क की स्थिति और टोल वसूली से जुड़े सवालों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि *सड़क दुरुस्त हो, निर्माण कार्य में तेजी आए और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
रिपोर्टर : अमित सिंह

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