तीन साल से बंद पड़ी जल मीनार, सेहदा टोला के ग्रामीण पानी के लिए बेहाल
विष्णुगढ़ : विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत बकसपुरा पंचायत के सेहदा टोला में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लगभग तीन वर्ष पूर्व जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना से 2 एचपी सोलर पंप एवं 8000 लीटर क्षमता वाली जल मीनार का निर्माण कराया गया था। बावजूद इसके आज तक ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल मीनार बनने के बाद गांव में नल तो लगा दिए गए, लेकिन कभी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। परिणामस्वरूप गांव के लोग आज भी एक छोटे नाले के पानी पर निर्भर हैं। वहीं बर्तन धोना, स्नान करना और मजबूरी में पीने का पानी भी लेना पड़ता है। गर्मी के दिनों में नाला सूख जाने से हालात और भी विकट हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लोगों में आक्रोश है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
पेयजल संकट के साथ-साथ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने से बच्चों की शिक्षा और पोषण भी प्रभावित हो रहा है। लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक छोटे बच्चों को जाने में काफी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल मीनार और सोलर पंप की तकनीकी जांच कर शीघ्र जलापूर्ति बहाल की जाए तथा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2026 में भी यदि ग्रामीणों को पानी के लिए नाले पर निर्भर रहना पड़े, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अब देखना है कि प्रशासन इस दिशा में कब तक ठोस कदम उठाता है।
रिपोर्टर : संदीप मिश्रा

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