हजारीबाग में मुखिया उन्मुखीकरण कार्यशाला, पंचायत सशक्तिकरण पर जोर के साथ उत्कृष्ट जनप्रतिनिधि सम्मानित

हजारीबाग : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुखिया जनप्रतिनिधियों के लिए सोमवार को विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्थित बहुउद्देशीय परीक्षा भवन में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। कार्यशाला का उद्देश्य पंचायत स्तर पर सुशासन को सुदृढ़ करना, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि करना था। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि मुखिया जनप्रतिनिधि लोकतंत्र के सशक्त स्तंभ हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही ग्राम पंचायतों का समग्र विकास संभव है। उन्होंने बताया कि प्रमंडल की ग्राम पंचायतों को 318 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है तथा शेष राशि 31 मार्च तक उपलब्ध करा दी जाएगी।मंत्री ने “ज्ञान केंद्र” योजना के अंतर्गत 928 केंद्र स्थापित किए जाने की जानकारी दी,जहां बेंच डेस्क, पुस्तकें,कंप्यूटर एवं इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रत्येक पंचायत को 15 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जिससे पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। साथ ही गर्मी को देखते हुए जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

निदेशक पंचायती राज विभाग राजेश्वरी बी ने कहा कि पंचायतों का सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच सुदृढ़ समन्वय पर बल दिया।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखिया प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। पीएआई-2.0 के तहत गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका, स्वस्थ गांव, बाल हितैषी गांव, जल पर्याप्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, सुशासन वाला गांव तथा महिला हितैषी गांव जैसी श्रेणियों में चयनित प्रतिनिधियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
इसके अलावा इनोवेटिव थीम के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। जल जीवन मिशन के तहत बेहतर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य मुखियाओं को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिपोर्टर : मुकेश सिंह

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