योगेंद्र साहू के निष्कासन पर भड़का तैलिक साहू समाज, कांग्रेस से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

चौपारण : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता योगेंद्र साहू को तीन वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने के फैसले पर अनुमंडलीय युवा तैलिक साहू समाज ने कड़ी नाराजगी जताई है। समाज के नेताओं ने इस निर्णय को एकतरफा और अनुचित बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से तत्काल पुनर्विचार की मांग की है। अनुमंडलीय इकाई बरही के युवा अध्यक्ष विकास गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में कांग्रेस को मजबूत करने में योगेंद्र साहू का अहम योगदान रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अपने क्षेत्र और अधिकारों की बात करना क्या गुनाह है?” उन्होंने यह भी कहा कि तैलिक साहू समाज का एक बड़ा वर्ग कांग्रेस का समर्थक रहा है और सामाजिक न्याय की विचारधारा के साथ खड़ा रहा है, ऐसे में यह फैसला समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है।

वहीं, अनुमंडलीय साहू समाज के संरक्षक चेतलाल साहू ने भी इस निर्णय को गंभीर बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस के लिए भविष्य में घातक साबित हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे आने वाले समय में राजनीतिक उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है। साथ ही उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कमेटी गठित कर मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

इस फैसले के खिलाफ बरही विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में व्यापक विरोध देखने को मिला। विरोध जताने वालों में पूर्व अनुमंडलीय अध्यक्ष बीरबल साहू, महासचिव राजेश कुमार, प्रखंड अध्यक्ष सुनील साव, मनोज कुमार, लालेश साहू, प्रमेश्वर साहू, दीपक गुप्ता, नरेश कुमार, हरीश कुमार और हरेंद्र कुमार सहित कई अन्य समाज के गणमान्य लोग शामिल रहे।

समाज के कार्यकर्ताओं का मानना है कि योगेंद्र साहू जैसे अनुभवी और जमीनी नेता को बिना पर्याप्त चर्चा के पार्टी से बाहर करना कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है, खासकर तब जब तैलिक साहू समाज पार्टी का एक मजबूत वोट बैंक माना जाता है।

आगे की रणनीति:
समाज के नेताओं ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर आगे भी बैठकें कर संगठित विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन भी खड़ा किया जा सकता है।

रिपोर्टर : अमित सिंह 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.