पूर्व मंत्री दयानंद कश्यप का निधन, तेली समाज में शोक की लहर — समाज के लिए अपूर्णीय क्षति: मुकुंद साव
हजारीबाग : बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं पिछड़े समाज के वरिष्ठ नेता दयानंद कश्यप का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र सहित तेली समाज में गहरा शोक व्याप्त है। समाज के लोगों ने इसे अपूर्णीय क्षति बताया है।
अखिल भारतीय तैलिक साहू समाज हजारीबाग के पूर्व जिलाध्यक्ष सह भाजपा नेता मुकुंद साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दयानंद कश्यप का निधन समाज के लिए एक युग का अंत है। उनके जीवन से समाज को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी।
बताया गया कि उनका अंतिम संस्कार रांची के अरगोड़ा स्थित पुंदाग मुक्ति धाम में पूरे विधि-विधान के साथ किया गया, जहां वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
दिवंगत के पुत्र साजन कश्यप ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता ने जीवनभर समाज सेवा, संघर्ष और ईमानदारी का मार्ग अपनाया। उनके आदर्श और संस्कार ही आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। उन्होंने कहा कि उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। तेली अधिकार मंच, झारखंड प्रदेश सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दयानंद कश्यप ने समाज को संगठित करने और अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
शोक व्यक्त करने वालों में प्रमुख रूप से मुकुंद साव, अमित कुमार (अनुमंडलीय अध्यक्ष), सीताराम साहू, अशोक गुप्ता, सुनील साहू, गुरुदेव गुप्ता (सांसद प्रतिनिधि), प्रीति कुमारी (जिप सदस्य), पूर्णिमा देवी (पूर्व मुखिया), केशरी नायक (उपमुखिया), विकास गुप्ता (युवा अध्यक्ष), रेखा देवी (महिला अध्यक्ष), शिक्षक सीताराम साहू, गणेश प्रसाद साव, कृष्ण कुमार साव, बालेश्वर साव सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे।
दयानंद कश्यप का जीवन समाज सेवा, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक था, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
रिपोर्टर : अमित सिंह

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