राजभवन के समक्ष विस्थापितों का अनिश्चितकालीन धरना जारी, 13 सूत्री मांगों पर अड़े

विष्णुगढ़ : के विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय समिति के बैनर तले 9 अप्रैल से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आंदोलन में बड़ी संख्या में विस्थापित एवं स्थानीय लोग भाग ले रहे हैं। प्रदर्शनकारी दिन-रात धरना स्थल पर डटे हुए हैं और अपनी 13 सूत्री मांगों को पूरा किए जाने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं।
समिति के नेताओं का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। यह आंदोलन दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के ऑल वैली क्षेत्र के विस्थापितों के अधिकारों को लेकर किया जा रहा है। हाल ही में लोकभवन के समक्ष भी इसी मांग को लेकर धरना दिया गया था।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि डैम और पावर प्लांट परियोजनाओं के लिए हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन विस्थापितों को अब तक उनका उचित हक और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। समिति ने डीवीसी का मुख्यालय झारखंड में स्थानांतरित करने तथा विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई है।
समिति की 13 सूत्री मांगों में प्रत्येक विस्थापित परिवार को ₹50,000 मासिक सहायता, योग्य लोगों को स्थायी रोजगार, भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा, मुफ्त बिजली-पानी एवं सिंचाई सुविधा, जमीन का मालिकाना हक, आवास की व्यवस्था, महंगाई के अनुसार मजदूरी, CSR फंड में वृद्धि, चिकित्सा, पेंशन व बीमा सुविधा, उद्योगों में प्राथमिकता, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सहित अन्य बुनियादी अधिकार शामिल हैं।
धरना स्थल पर केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल के नेतृत्व में नुनु गोपाल, महादेव मांझी, डिलो महतो, महेश महतो, राजेंद्र साव, रोहित पटेल, बाबलू मियां, बेलाल अंसारी समेत अन्य सदस्य सक्रिय रूप से आंदोलन को संचालित कर रहे हैं।
केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल ने कहा कि दामोदर घाटी क्षेत्र के विस्थापितों के साथ लंबे समय से अन्याय हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा।

रिपोर्टर : संदीप मिश्रा विष्णुगढ़    

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