17 माह से मानदेय बंद, सहायक अध्यापिका ने लगाई गुहार परिवार चलाना मुश्किल”, शिक्षा विभाग पर अनदेखी का आरोप
चौपारण : प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सोनपुर की सहायक अध्यापिका किरण यादव ने 17 माह से मानदेय भुगतान नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग से जल्द भुगतान की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने पत्रकारों को आवेदन सौंपकर अपनी पीड़ा साझा की। किरण यादव ने बताया कि वह वर्ष 2001 से विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं तथा लगातार बच्चों के पठन-पाठन के साथ विभागीय आदेशों का पालन करती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके सभी शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का विभागीय सत्यापन भी हो चुका है और वर्ष 2001 से नियमित रूप से मानदेय मिलता रहा है। अध्यापिका के अनुसार दिसंबर 2024 में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, चौपारण द्वारा यह कहते हुए उनका मानदेय रोक दिया गया कि अनुपस्थिति विवरणी पर विद्यालय सचिव का हस्ताक्षर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय सचिव से व्यक्तिगत विवाद के कारण जानबूझकर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं, जिसकी लिखित सूचना विभाग को पहले ही दी जा चुकी है। किरण यादव ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय सचिव पर पूर्व में फर्जी प्रमाण-पत्र का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें कार्यमुक्त करने का पत्र जारी किया था, लेकिन बाद में विभागीय मिलीभगत से पुनः कार्य पर रख लिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग ने कभी सचिव से यह नहीं पूछा कि अनुपस्थिति विवरणी पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार 17 माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। बच्चों की पढ़ाई, दवा और घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। किरण यादव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वह प्रखंड शिक्षा कार्यालय, चौपारण के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगी।
रिपोर्टर : अमित सिंह

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