बरही चौक पर फैला अतिक्रमण बना 'काल': पूर्व अध्यक्ष कपिल साव ने गंवाया पैर
हजारीबाग : बरही-धनबाद रोड पर सोमवार की शाम एक बार फिर व्यवस्था की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। महाबीर मंडल के पूर्व अध्यक्ष व स्थानीय समाजसेवी कपिल साव एक भीषण सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। बाजार के कारण सड़क पर लगे महाजाम के बीच एक अनियंत्रित कंटेनर ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और उनका दाहिना पैर कुचल दिया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की तत्परता से उन्हें अस्पताल तो पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए अंततः उनका दाहिना पैर काटना पड़ा। इस हादसे ने बरही की बदहाल यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोलकर रख दी है।
जाम के दलदल में फंसी जिंदगी
घटना के वक्त धनबाद रोड पर हमेशा की तरह साप्ताहिक बाजार के कारण भयंकर जाम लगा था। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से कपिल साव को ट्रक के नीचे से निकाला गया। सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार यादव अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को तुरंत बरही अनुमंडलीय अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हजारीबाग और फिर वहां से गंभीर स्थिति में रांची के बरियातू स्थित पैनेशिया हॉस्पिटल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उनकी जान तो बचा ली, लेकिन कपिल साव हमेशा के लिए दिव्यांग हो गए। अब जनता के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि बिना पैर के कपिल साव अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे? इस तबाही का असली जिम्मेदार कौन है?
'फ्री की सब्जी' और 'दुकान के भाड़े' का खूनी खेल
स्थानीय नागरिकों ने बरही चौक की इस दुर्दशा के पीछे एक कड़वा सच उजागर किया है। लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे रहने वाले कुछ रसूखदार मकान मालिक और दुकानदार जान-बूझकर अपनी दुकानों के सामने मुख्य सड़क पर सब्जी मंडी लगवाते हैं। इसके पीछे दो मुख्य लालच हैं—पहला, दुकान के सामने ठेला लगाने के एवज में मिलने वाला अवैध भाड़ा, और दूसरा, मुफ्त की सब्जियां। इस चंद रुपयों के लालच की कीमत आज कपिल साव जैसे निर्दोष नागरिकों को अपना अंग गंवाकर चुकानी पड़ रही है।
नियम कानून ताक पर, नो-पार्किंग जोन की मांग तेज
बरही चौक के चारों तरफ काली सड़क पर ठेला, पैसेंजर बसें, प्राइवेट कारें और मोटरसाइकिलें बिना किसी यातायात नियम के मनमौजी तरीके से खड़ी रहती हैं। आधी से अधिक सड़क पर इन वाहनों का अवैध कब्जा रहता है, जिससे भारी वाहनों को गुजरने का रास्ता नहीं मिलता। पैदल चलने वालों के लिए सड़क पर कोई जगह नहीं बची है, जिसके कारण गया रोड और धनबाद रोड पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं और कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं।
आक्रोशित जनता ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। लोगों की मांग है कि:
1. गया रोड रेलवे ब्रिज से लेकर बरही अनुमंडलीय अस्पताल तक पूरे क्षेत्र को तत्काल 'नो पार्किंग जोन' घोषित किया जाए।
2. सड़क पर अवैध रूप से वाहन पार्क करने वालों और अतिक्रमणकारियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
3. सब्जी मंडी को सड़क से हटाकर स्थाई व सुरक्षित बाजार परिसर में शिफ्ट किया जाए।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की मुस्तैदी पर सवाल
बरही चौक के चारों ओर समुचित व्यवस्था बनाए रखना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है। बार-बार चलाए जाने वाले अतिक्रमण हटाओ अभियान सिर्फ दिखावा साबित हुए हैं, क्योंकि प्रशासनिक टीम के जाते ही स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। स्थानीय जनता अब खोखले आश्वासनों से थक चुकी है। लोगों का साफ कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपनी मुस्तैदी नहीं दिखाई और इस खूनी जाम का स्थाई समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन तय है।
रिपोर्टर : राहुल राणा
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