बरही में अकीदत और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ मोहर्रम: अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों ने जीता दिल

बरही:(हजारीबाग) : सच्चाई और इंसानियत की राह दिखाने वाले इमाम हुसैन की शहादत की याद में बरही शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मोहर्रम का पर्व बेहद शांतिपूर्ण, गरिमामय और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस दौरान विभिन्न मोहल्लों से भव्य जुलूस और आकर्षक झांकियां निकाली गईं।

चौक पर उमड़ा जनसैलाब, दिखाए पारंपरिक करतब
गुरुवार देर शाम से शुरू हुआ जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचा। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे फिर से जुलूस और झांकियां निकाली गईं, जो सुबह 8 बजे बरही चौक पहुंचीं। यहाँ युवाओं ने पारंपरिक हथियारों के साथ अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई हैरतअंगेज और रोमांचक करतब दिखाए, जिसे देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 'या अली' और 'या हुसैन' के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
आकर्षण का केंद्र रहीं झांकियां
इस वर्ष के जुलूस में कई अनोखी झांकियां शामिल थीं:

* दरगाह मोहल्ला: हुसैन की जंग में घायल हुए घोड़े का जीवंत मॉडल पेश किया, जो लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
* चौक मोहल्ला: हैदर अली का दरवाजा।
* आजाद मोहल्ला: जुल्फिकार की तलवार।
* साकारी मोहल्ला: राफेल लड़ाकू विमान की कलाकृति।
* थाना मोहल्ला: बेहद सुंदर मकबरे की झांकी।

इसके साथ ही पारंपरिक ताजियों का प्रदर्शन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सामाजिक एकता की मिसाल
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। बरही चौक गोलंबर पर वॉच टावर बनाकर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जुलूस की लगातार निगरानी की गई। इस मौके पर स्थानीय विधायक मनोज कुमार यादव, एसडीओ जोहान टुड्डू, एसडीपीओ राधा कृष्ण किशोर, थाना प्रभारी विनोद कुमार यादव, प्रमुख मनोज रजक , रमेश ठाकुर, भगवान केशरी, मुखिया छोटन ठाकुर मो० सगीर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पार्क और सड़कों पर हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया, जिसने क्षेत्र में सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की एक अनूठी मिसाल पेश की।

रिपोर्टर : राहुल राणा 

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