सांप के डंसने के बाद तंत्र-मंत्र के भरोसे बीते 48 घंटे, मासूम की मौत ने उठाए स्वास्थ्य व्यवस्था और अंधविश्वास पर सवाल
चौपारण : सांप के डंसने के बाद समय पर उचित चिकित्सा नहीं मिलने और तंत्र-मंत्र के भरोसे इलाज कराए जाने से एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और अंधविश्वास के प्रति लोगों की सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सांप के काटने के बाद परिजन बच्चे के जीवन की आस में करीब 48 घंटे तक झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के सहारे इलाज कराते रहे। जब तक बच्चे को उचित चिकित्सकीय उपचार मिल पाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंततः मासूम ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि सांप के काटने की स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में बिना किसी देरी के मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाकर एंटी-वेनम सहित आवश्यक उपचार कराना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक तरीका है। झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र पर भरोसा करना कीमती समय बर्बाद कर सकता है और इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े।
रिपोर्टर : अमित सिंह
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