जंगल में हाथियों का कहर: बकरी चराने गए ग्रामीण की हाथी ने पटक-पटक कर ली जान, विधायक ने तत्काल मुआवजे की कराई पहल
हजारीबाग : बरही अनुमंडल क्षेत्र के डापोक पंचायत अंतर्गत ओरपरता गांव में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। गुरुवार को ओरपरता पहाड़ के नीचे जंगल में 50 वर्षीय बैजनाथ यादव का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल फैल गया। जानकारी के अनुसार, बैजनाथ यादव 23 जुलाई की संध्या से लापता थे। परिजनों और ग्रामीणों ने पूरी रात व अगले दिन तक उनकी तलाश की। काफी खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने पहाड़ी के नीचे जंगल में उनका शव देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगली हाथी ने उन्हें पटक-पटक कर बेरहमी से मार डाला। बताया जा रहा है कि मृतक जंगल में बकरी चराने गए थे, तभी हाथी के हमले का शिकार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बरही विधायक मनोज कुमार यादव घटनास्थल पहुंचे। उनके साथ विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, अल्पसंख्यक कल्याण महासमिति के अध्यक्ष मो. कैयूम, मुखिया अर्जुन दास तथा पंचायत समिति सदस्य विहारी यादव भी मौजूद रहे। विधायक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल वार्ता की और मृतक के आश्रितों को शीघ्र सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने मौके पर ही अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता तथा शेष नौ लाख रुपये की मुआवजा राशि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मौके पर उपस्थित वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मृतक परिवार को तत्काल एक लाख रुपये नकद उपलब्ध कराया जाएगा तथा शेष नौ लाख रुपये नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिए जाएंगे। घटनास्थल पर बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे गांवों में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक और वन्यजीव-मानव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की नियमित निगरानी, प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी उपाय करने की मांग की है।
रिपोर्टर : राहुल राणा
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