पीएचईडी कैंपस में मछली दुकान शिफ्टिंग से पहले ही विभाग ने जड़ा ताला

बरही :  बरही शहर में सड़क पर बढ़ते अतिक्रमण को नियंत्रित के उद्देश्य से प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी शुरू की गई थी, जिसको लेकर पीएचईडी कैंपस में मछली दुकान को शिफ्ट कराया कवायद पर पीएचईडी  विभाग ने अपने कैंपस के गेट पर ताला लगा दिया है। मछली व्यवसाई को सुरक्षित स्थान मिल जाने से एक आश जागी थी, लेकिन विभागीय द्वंद्व में अब विराम लगता दिख रहा है। बताते चलें कि 6 जून को उपायुक्त हेमंत सती बरही आए थे, बरही में सड़क जाम की स्थिति पर नाराजगी जताई थी। जिसके बाद सड़क जाम को नियंत्रण की दिशा में पहल करते हुए सब्जी बाजार और फुटपाथ  और मछली बाजार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के लिए

 स्थल निरीक्षण के बाद पीएचईडी कैंपस में मछली, मुर्गा  को व्यवस्थित रूप से शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया था।

लेकिन कैंपस में दोबारा ताला जड़ दिए जाने से पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।

दरअसल, विभागीय दौरे के दौरान हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने बरही चौक एवं बाजार की अव्यवस्थित स्थिति का जायजा लिया था। सड़क पर दुकानों के कारण हो रहे अतिक्रमण और यातायात की समस्या को देखते हुए बाजार को व्यवस्थित करने के लिए पीएचईडी कैंपस में मछली-मुर्गा दुकानदारों तथा ठेला संचालकों को शिफ्ट करने और एनएचएआई की बाउंड्री के बाहर सब्जी बाजार लगाने की दिशा में निर्देश दिए गए थे।

इसी आदेश के अनुपालन में बरही एसडीओ जोहान टुडू की पहल पर पीएचईडी कैंपस की साफ-सफाई कराई गई। सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को कैंपस में स्थानांतरित कर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। प्रशासन की इस पहल से लोगों को उम्मीद जगी कि बरही बाजार में जाम और अतिक्रमण की समस्या से राहत मिलेगी।

लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू गुरुवार को सामने आया। पीएचईडी विभाग के कर्मियों ने कैंपस में पुनः ताला लगा दिया, जिससे दुकानदारों की प्रस्तावित शिफ्टिंग पर ही प्रश्नचिह्न लग गया। 

पीएचईडी के जेई अकीब अहमद द्वारा प्रशासन से संपर्क का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। वहीं मामले की सूचना डीडीसी हजारीबाग तक पहुंचने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किए जाने की जानकारी दी गई है। विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष सिविल कार्य जारी है। कोबरा क्षेत्र के समीप भूमि विवाद के समाधान की भी बात कही गई है।

अब सवाल—आदेश का पालन कौन कराएगा?

एक ओर प्रशासन बरही बाजार को अतिक्रमण मुक्त कर व्यवस्थित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिस परिसर को वैकल्पिक बाजार के रूप में तैयार किया जा रहा था, उसी पर ताला लग जाने से पूरी कवायद अधर में दिखाई दे रही है।

क्या विभागीय समन्वय के अभाव में प्रशासन की योजना विफल होगी? या फिर जल्द ही पीएचईडी कैंपस का ताला खुलेगा और दुकानदारों को निर्धारित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा? अब बरही के लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है

रिपोर्टर : राहुल राणा

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