बेहरा आश्रम मोड़ पर मौत का रास्ता बनी सड़क गड्ढों में भरा बारिश का पानी
हजारीबाग : चौपारण प्रखंड के बेहरा आश्रम मोड़ के जाने वाला रास्ता के मुहाने पर सड़क इन दिनों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और बारिश के कारण सड़क किनारे ही नहीं, बल्कि गड्ढों में भी पानी भर गया है। इससे यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। हर दिन सैकड़ों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन हर सफर अब खतरे से खाली नहीं है। एनएचआई की लापरवाही साफ दिखता है ,स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।बेहरा आश्रम मोड़ केवल एक सामान्य सड़क नहीं, बल्कि बेहरा समेत आसपास के कई गांवों की मुख्य संपर्क सड़क है। इसी मार्ग पर बेहरा आश्रम आंख अस्पताल स्थित है, जहां इलाज के लिए प्रतिदिन दूर दराज से मरीज पहुंचते हैं। वहीं सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में बच्चे भी रोज इसी रास्ते से आते-जाते हैं। मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस, स्कूली वाहन, बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल चलने वाले लोग रोज इस बदहाल सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद सड़क की हालत और भी भयावह हो गई है। गड्ढों में भरे पानी के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। कई बार दोपहिया वाहन फिसल चुके हैं और छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद एनएचआई विभाग की ओर से न तो गड्ढे भरे गए और न ही जल निकासी की कोई व्यवस्था की गई। सड़क की बदहाली और विभाग की उदासीनता लोगों में भारी नाराजगी का कारण बनी हुई है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया गया, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिला। सड़क पर जमा पानी और टूटी सतह एवं एनएचआई विभागीय लापरवाही की साफ तस्वीर पेश कर रही है। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही इस गंभीर समस्या का समाधान करना चाहिए।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, और जनप्रतिनिधियों से तत्काल सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह सड़क हजारों लोगों की जीवनरेखा है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? यही सवाल आज पूरे क्षेत्र के लोग प्रशासन से पूछ रहे हैं।
रिपोर्टर : मुकेश सिंह
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