MMDR संशोधन विधेयक झारखंड के वित्तीय अधिकारों पर सीधा प्रहार: विकास कुमार गुप्ता

हजारीबाग :  हजारीबाग जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव विकास कुमार गुप्ता ने केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक झारखंड के संवैधानिक अधिकारों, वित्तीय स्वायत्तता और आर्थिक हितों पर सीधा प्रहार है। प्रेस को जारी बयान में विकास कुमार गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम झारखंड को भारी राजस्व नुकसान और संभावित बजटीय संकट की ओर धकेल सकता है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद खनिज संपदा से जुड़े अतिरिक्त सेस और लेवी के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद जगी थी। राज्य सरकार ने इससे करीब 11 हजार से 14 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त राजस्व जुटाने का अनुमान लगाया था। उनके अनुसार, प्रस्तावित केंद्रीय कानून के प्रभावी होने से इस संभावित आय पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां से देश के औद्योगिक विकास के लिए बड़ी मात्रा में खनिज संसाधन प्राप्त होते हैं। ऐसे में खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व में राज्य की उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करना राज्य के आर्थिक हित में है। यदि राज्य को मिलने वाले संभावित राजस्व के रास्ते सीमित किए जाते हैं तो इसका असर सीधे राज्य के विकास बजट पर पड़ सकता है।

विकास कुमार गुप्ता ने खनन कंपनियों से पुराने बकाया टैक्स और लेवी की वसूली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय से अपने बकाये की मांग करता रहा है। नए कानूनी प्रावधानों के कारण यदि पुराने बकाये की वसूली का रास्ता प्रभावित होता है तो इससे राज्य की संचित निधि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य के राजस्व में कमी का सीधा असर आम जनता से जुड़ी योजनाओं पर पड़ने की आशंका है। वृद्धावस्था पेंशन, महिलाओं से संबंधित कल्याणकारी योजनाएं, गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने, ग्रामीण सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पर्याप्त बजट की आवश्यकता होती है। राजस्व में कमी होने पर ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि यहां के करोड़ों लोगों की आजीविका और भविष्य भी इन संसाधनों से जुड़ा है। इसलिए खनिज संपदा से होने वाली आय में राज्य के अधिकार और हित सुरक्षित रहना आवश्यक है।

विकास कुमार गुप्ता ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि झारखंड के वित्तीय अधिकार और राज्य के हितों से जुड़ा विषय है। कांग्रेस पार्टी राज्य के अधिकारों और वित्तीय स्वायत्तता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने तथा झारखंड के वित्तीय हितों को सुरक्षित रखने की मांग की।

रिपोर्टर : अमित सिंह

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