बरही में दुर्गावाहिनी का शस्त्र पूजन कार्यक्रम, पलक कुमारी ने दिया नारी सशक्तिकरण का संदेश

हजारीबाग :  विश्व हिंदू परिषद के अंतर्गत मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की ओर से दुर्गापूजा के पावन अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता, संस्कार और साहस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्गावाहिनी की बरही प्रखंड संयोजिका पलक कुमारी ने सर्वप्रथम पावन ध्वज को प्रणाम किया और उपस्थित दीदी-बहनों एवं मातृशक्ति का अभिवादन किया। उन्होंने अपने संबोधन का विषय ‘नारी तू अबला नहीं, सबला है’ रखते हुए कहा कि शस्त्र पूजन का अर्थ केवल हथियारों की पूजा करना नहीं, बल्कि अपने भीतर सोई हुई शक्ति, साहस और आत्मविश्वास को जागृत करना है।

उन्होंने कहा कि जिस नारी को समाज ने कभी अबला, कमजोर और बेचारी कहा, उसी नारी ने समय-समय पर धर्म और न्याय की रक्षा के लिए दुर्गा का रूप धारण किया। मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का अदम्य साहस, रानी दुर्गावती, रानी चेन्नम्मा और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं का संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि नारी शक्ति किसी से कम नहीं है।

पलक कुमारी ने कहा कि नारी के एक हाथ में संस्कार है, तो दूसरे में साहस। उसकी आंखों में करुणा है, तो हृदय में अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प भी है। मां दुर्गा के हाथों में शस्त्र यह संदेश देते हैं कि अन्याय बढ़ने पर उसका सामना साहस, विवेक और आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुर्गावाहिनी का उद्देश्य महिलाओं को उनकी आंतरिक शक्ति का एहसास कराना और समाज की प्रत्येक बेटी को सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना है। महिलाओं को शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक बनने के साथ जरूरतमंदों की सहायता करने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने तथा अपनी संस्कृति और संस्कारों का सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सशक्त बनने के साथ समाज की हर बेटी को सशक्त बनाना भी जरूरी है। यही सच्चे अर्थों में शस्त्र पूजन और दुर्गा पूजा का संदेश है।

अपने संबोधन के अंत में पलक कुमारी ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् की पंक्तियां प्रस्तुत कर मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

15 अक्टूबर को बरही में निकलेगा पथ संचलन

दुर्गावाहिनी की जिला संयोजिका प्रीति कुमारी ने बताया कि दुर्गापूजा के पावन अवसर पर 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को दोपहर 2 बजे बरही ब्लॉक स्थित शिव मंदिर परिसर में एकत्रित होने के बाद बरही के चारों प्रमुख मार्गों पर अनुशासित पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बरही के सभी धर्मप्रेमियों, मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी की बहनों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।

ये बहनें रहीं उपस्थित

कार्यक्रम में जिला संयोजिका प्रीति कुमारी, प्रखंड संयोजिका पलक कुमारी, कशिश केशरी, सिमरन केशरी, संतुष्टि केशरी, सुकृति केशरी, रिया साहा, आभा कुमारी, रिया कुमारी, जिया कुमारी, नैना कुमारी, सिमरन कुमारी, अनीता देवी, सुजाता कुमारी, सपना कुमारी, अर्चना कुमारी, परी कुमारी और रिशु कुमारी सहित अन्य बहनें उपस्थित रहीं।

रिपोर्टर : राहुल राणा

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