आगजनी में तीन पशुओं की मौत, एक साल से मुआवजे के लिए भटक रहा पीड़ित
हजारीबाग : आगजनी में दो दुधारू गाय और एक दुधारू भैंस की मौत हो गई। पीड़ित ने पशुओं के पोस्टमार्टम से लेकर जरूरी दस्तावेज तक प्रशासन को सौंप दिए, लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला। यह मामला चौपारण अंचल के सेलहराकला पंचायत अंतर्गत नया खाप सिरमा गांव निवासी मुकेश साव का है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उसे केवल आश्वासन मिला, राहत नहीं।
मुकेश साव के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को उनके फार्म में आग लगने से तीनों दुधारू पशुओं की जलकर मौत हो गई थी। घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। पशु चिकित्सालय की ओर से मृत पशुओं का पोस्टमार्टम भी कराया गया। इसके बाद आवश्यक कागजात तैयार कर चौपारण अंचलाधिकारी संजय यादव को सौंप दिए गए। पीड़ित को उम्मीद थी कि सरकारी प्रावधानों के तहत उसे जल्द मुआवजा मिल जाएगा, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली।
*आश्वासन मिला, कार्रवाई का इंतजार बरकरार*
पीड़ित का कहना है कि मुआवजे की मांग को लेकर वह कई बार अंचल कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से मुलाकात की। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन अब तक न तो मुआवजा मिला और न ही कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की गई। लगातार कार्यालय का चक्कर लगाने से निराश होकर परिवार ने अब वहां जाना भी छोड़ दिया है।
*अब वरीय अधिकारियों तक पहुंचेगा मामला*
मुकेश साव ने मामले में प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आगजनी में तीन दुधारू पशुओं की मौत से परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद एक साल बाद भी सहायता नहीं मिलना पीड़ादायक है। उन्होंने अब वरीय अधिकारियों और सरकार तक अपनी शिकायत पहुंचाने का निर्णय लिया है, ताकि मामले की जांच हो और उन्हें नियमानुसार मुआवजा मिल सके। अब सवाल यह है कि जब पीड़ित ने घटना की सूचना देने के साथ आवश्यक दस्तावेज भी जमा कर दिए, तो एक साल बाद भी उसके आवेदन पर क्या कार्रवाई हुई? पीड़ित परिवार को राहत कब मिलेगी, यह अब भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, मामले में अंचल प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।
रिपोर्टर : अमित सिंह

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