एनएच-2 बरही-चौपारण सड़क निर्माण में लापरवाही पर संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी का निर्देश, डीसी सख्त.
हजारीबाग : एनएच-2 के बरही चौपारण सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त हेमन्त सती ने सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए निर्माण कार्य को गंभीरता से पूरा करने और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।समाहरणालय में गुरुवार को उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में कोल कंपनी, आधारभूत संरचना एवं राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति, भूमि अधिग्रहण, प्रभावित रैयतों को मुआवजा भुगतान, कोल परियोजनाओं की स्थिति तथा राजस्व विभाग के लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने, लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
*बरही-चौपारण सड़क पर लगातार दुर्घटनाओं को लेकर गंभीरता*
एनएच-2 के बरही-चौपारण सड़क मार्ग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सड़क निर्माण में तेजी लाने और कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, ऐसे में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी से लोगों की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सड़क सुरक्षा प्रावधानों के तहत लापरवाही बरतने वाले संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
बरही-चौपारण मार्ग पर सड़क निर्माण, यातायात सुरक्षा और आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर प्रशासन की इस सख्ती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि कार्य में तेजी लाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावी बनाए रखें।
*26 जनवरी तक 80 प्रतिशत रैयतों को मुआवजा देने का लक्ष्य*
सड़क निर्माण परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की धीमी प्रक्रिया पर भी उपायुक्त ने अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को प्रभावित रैयतों के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि आगामी 26 जनवरी तक कम से कम 80 प्रतिशत प्रभावित रैयतों को मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इससे विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब से बचा जा सकेगा और प्रभावित लोगों को समय पर उनका हक मिल सकेगा।
*कोल परियोजनाओं और पुनर्वास नीति की समीक्षा*
बैठक में एनटीपीसी कोल परियोजना के मुआवजा भुगतान और पुनर्वास नीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बादाम कोल परियोजना के संबंध में उपायुक्त ने प्रभावित रैयतों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता के लिए समय निर्धारित करने का निर्देश दिया, ताकि संबंधित मामलों पर आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सरकारी भूमि पर संचालित अवैध ईंट-भट्ठों को ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।
इसके अलावा प्रभा एनर्जी, सीसीएल, एनएमडीसी, अदाणी सहित अन्य कंपनियों की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने, लंबित मामलों की पहचान करने और उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*90 दिनों से अधिक लंबित म्यूटेशन मामलों की जांच*
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों से हल्कावार 90 दिनों से अधिक समय से लंबित म्यूटेशन मामलों की जानकारी ली। उन्होंने मामलों के लंबित रहने के कारणों की समीक्षा करते हुए राजस्व संबंधी कार्यों में गुणात्मक सुधार लाने और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि दाखिल-खारिज जैसे मामलों में अनावश्यक देरी से आम नागरिकों को परेशानी होती है, इसलिए अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता से काम करना होगा।
उन्होंने अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव को कटकमसांडी, कटकमदाग और सदर अंचल में म्यूटेशन मामलों की जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी अंचल अधिकारियों को सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकने और अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
*लापरवाही पर नहीं मिलेगी छूट* उपायुक्त हेमन्त सती ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, प्रभावित रैयतों को मुआवजा उपलब्ध कराने और राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, बरही अनुमंडल पदाधिकारी जोहन टुडू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
रिपोर्टर : मुकेश सिंह

No Previous Comments found.