बरही में पेयजल संकट दूर करने की कवायद तेज, 15 दिनों में पाइपलाइन निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
बरही : बरही क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजलापूर्ति की समस्या को दूर करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। विधायक मनोज कुमार यादव ने संबंधित अधिकारियों और पेयजलापूर्ति योजना से जुड़े पदाधिकारियों के साथ इंटेक वेल एवं जवाहर घाट स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पाइपलाइन बिछाने का कार्य अगले 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पाइपलाइन निर्माण पूरा होने के बाद टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद बरही तक पानी पहुंचाने और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पाइपलाइन निर्माण में तेजी लाने का निर्देश
विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि पेयजलापूर्ति योजना बरही के लोगों की बुनियादी जरूरत से जुड़ी है। ऐसे में निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर कर योजना को जल्द धरातल पर उतारना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर काम में तेजी लाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान योजना के अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जवाहर घाट स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक रॉ वाटर पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण चरण है। पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद टेस्टिंग की जाएगी, ताकि जलापूर्ति शुरू करने से पहले तकनीकी स्थिति की जांच की जा सके।
15 दिनों में काम पूरा करने का लक्ष्य
एनएचएआई के अधिकारियों और संबंधित संवेदक को पाइपलाइन निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। योजना के शेष कार्यों को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे बरही के लोगों को जल्द पेयजलापूर्ति का लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों, एनएचएआई के प्रतिनिधियों, संवेदक तथा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याओं और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
जलापूर्ति शुरू होने से लोगों को मिलेगी राहत
बरही में पेयजलापूर्ति योजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद से स्थानीय लोगों को राहत की आशा है। हालांकि, वास्तविक राहत नियमित जलापूर्ति शुरू होने के बाद ही मिलेगी। फिलहाल पाइपलाइन निर्माण, टेस्टिंग और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण चरण है।
रिपोर्टर : राहुल राणा

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