अतिक्रमण मुक्त बरही चौक और फुटकर विक्रेताओं की रोजी-रोटी के बीच संतुलन बनाने की पहल

बरही : बरही चौक पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से प्रशासन एवं पुलिस की ओर से शुरू की गई अतिक्रमण हटाओ मुहिम के बीच अब फुटकर सब्जी विक्रेताओं की रोजी-रोटी का सवाल भी सामने आने लगा है। वैकल्पिक स्थान पर बाजार शिफ्ट करने की पहल के बाद फुटकर सब्जी विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर विधायक मनोज कुमार यादव से मुलाकात कर राहत की मांग की है।

विधायक आवास पर पहुंचे विक्रेताओं ने बताया कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सड़क पर अतिक्रमण नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद नए स्थान पर बाजार लगाने में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विक्रेताओं का कहना था कि प्रशासन की ओर से बाजार के लिए शेड निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के नजदीक आने से उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

विक्रेताओं ने विधायक से मांग की कि दीपावली एवं छठ पर्व के मद्देनजर सब्जी और पूजा सामग्री की बिक्री के लिए उन्हें पूर्ववर्ती बाजार स्थल पर अस्थायी रूप से दुकान लगाने की अनुमति दिलाई जाए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक मनोज कुमार यादव ने तत्काल बरही अनुमंडल पदाधिकारी जोहन टुड्डू से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने फुटकर विक्रेताओं के लिए शेड निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के साथ आगामी त्योहारों को देखते हुए अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विधायक ने सुझाव दिया कि बरही चौक के समीप बाजार क्षेत्र में चार दिनों के लिए अस्थायी बाजार लगाने की अनुमति देने पर विचार किया जाए। साथ ही विक्रेताओं के साथ बैठक कर आपसी सहमति से समाधान निकालने की बात कही।

विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि बरही चौक को अतिक्रमण मुक्त रखना समय की जरूरत है। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। लेकिन इस व्यवस्था के नाम पर गरीब और छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सड़क सुरक्षा और गरीबों के रोजगार के बीच संतुलन बनाकर ही स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

सड़क सुरक्षा जरूरी, लेकिन रोजी-रोटी की अनदेखी नहीं!

गौरतलब है कि बरही चौक और आसपास के बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति उत्पन्न होती रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने फुटकर विक्रेताओं के लिए एनएचएआई कार्यालय की बाउंड्री के सामने वैकल्पिक बाजार स्थल विकसित करने की पहल की थी। वहां बाजार लगना भी शुरू हो गया था। हालांकि, अब विक्रेताओं की समस्याओं ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

अब निगाहें प्रशासन की अगली पहल पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या बरही चौक को अतिक्रमण मुक्त रखने के साथ फुटकर दुकानदारों को भी सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का स्थान मिल पाएगा? त्योहारों से पहले इसका समाधान निकलना हजारों लोगों की खरीदारी और छोटे व्यापारियों की आजीविका दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

रिपोर्टर : राहुल राणा 

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