किडनी स्टोन प्रिवेंशन: क्या ज्यादा पानी पीना सच में सुरक्षा देता है?

BY UJJWAL SINGH 

किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या है. इसे महसूस करने वाले अक्सर बताते हैं कि इसका दर्द असहनीय होता है और यह रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है. कई बार यह समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि अस्पताल जाना पड़ता है. आंकड़ों के अनुसार, जीवन में अधिकांश लोगों को कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है, और कई मामलों में यह दोबारा भी हो सकती है.


अधिक पानी पीने की सलाह और आम गलतफहमी:

अक्सर डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि ज्यादा पानी पीने से किडनी स्टोन बनने का खतरा कम होता है. पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और मिनरल्स आपस में चिपककर पथरी नहीं बना पाते. लेकिन अधिकांश लोग इस आदत को लंबे समय तक नहीं बनाए रख पाते.हाल ही में Urinary Stone Disease Research Network और Duke Clinical Research Institute द्वारा एक बड़ी स्टडी की गई, जिसे प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित किया गया। इस अध्ययन में अमेरिका के छह बड़े मेडिकल सेंटर से कुल 1,658 प्रतिभागियों को शामिल किया गया.


स्टडी का तरीका और निष्कर्ष:

प्रतिभागियों को दो ग्रुप में बांटा गया.एक ग्रुप को सामान्य सलाह दी गई, जबकि दूसरे ग्रुप को एक विशेष "हाइड्रेशन प्रोग्राम" में रखा गया. इस प्रोग्राम में स्मार्ट बोतल, रिमाइंडर मैसेज, पर्सनल टारगेट और कोचिंग जैसी सुविधाएं दी गईं ताकि लोग पानी पीने की मात्रा बढ़ा सकें.

करीब दो साल तक चले अध्ययन में पाया गया कि प्रोग्राम वाले लोगों ने पानी पीने की मात्रा जरूर बढ़ाई, लेकिन यह बढ़ोतरी इतनी नहीं थी कि किडनी स्टोन के दोबारा बनने के खतरे को पूरी तरह रोक सके. रिसर्चर्स का कहना है कि असली चुनौती लोगों का लंबे समय तक इस आदत को बनाए रखना है.

इसके अलावा, यह भी स्पष्ट हुआ कि हर व्यक्ति के लिए एक समान पानी का टारगेट सही नहीं हो सकता .शरीर की बनावट, लाइफस्टाइल, मौसम और स्वास्थ्य जैसी स्थितियाँ यह तय करती हैं कि किसी को कितनी मात्रा में पानी पीने की जरूरत है.ज्यादा पानी पीना जरूरी है, लेकिन इसे नियमित और लंबे समय तक अपनाना चुनौतीपूर्ण है। हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए पानी की मात्रा को अपने शरीर और लाइफस्टाइल के अनुसार समायोजित करना चाहिए.

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