कमर दर्द को न करें नजरअंदाज: हो सकते हैं किडनी फेलियर के संकेत

कमर दर्द को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लंबे समय तक बैठना, गलत पोश्चर या ज्यादा शारीरिक मेहनत को इसका कारण माना जाता है, जो ज्यादातर मामलों में सही भी होता है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर कमर दर्द साधारण नहीं होता, कभी-कभी यह किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है, जिसे समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है.

 सामान्य दर्द और किडनी दर्द में फर्क

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार मांसपेशियों का दर्द आमतौर पर मूवमेंट से बढ़ता है और आराम करने या सिकाई से ठीक हो जाता है. लेकिन किडनी से जुड़ा दर्द अलग होता है. यह गहराई में महसूस होता है, लगातार बना रहता है और आराम करने पर भी कम नहीं होता. यही अंतर इसे खतरनाक संकेत बनाता है.

 

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 किडनी समस्या के शुरुआती लक्षण

डॉक्टर बताते हैं कि किडनी की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआत में साफ लक्षण नहीं देती. इसके संकेतों में पेशाब के पैटर्न में बदलाव, जलन, गहरा रंग, आंखों और पैरों में सूजन शामिल हो सकते हैं. लगातार थकान और शरीर में भारीपन भी इसका संकेत हो सकता है. कुछ मामलों में झागदार पेशाब और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता है.

एक्सपर्ट की राय

 एक्सपर्ट अनुसार, लोग अक्सर बैक पेन को मसल्स की समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि किडनी से जुड़ा दर्द अलग तरह से महसूस होता है. वहीं डॉ. हिमा दीप्ति अल्ला बताती हैं कि यह दर्द हल्का लेकिन लगातार रहता है और लोग इसे सामान्य थकान या पोश्चर की समस्या समझ लेते हैं.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार क्रॉनिक किडनी डिजीज शुरुआती चरण में अक्सर पकड़ में नहीं आती क्योंकि इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं. इसलिए अगर कमर दर्द के साथ पेशाब या शरीर में बदलाव दिखें, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके.

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