आंतों और मांसपेशियों के बीच है गहरा संबंध, दही और केफिर जैसे खाद्य पदार्थ निभा सकते हैं अहम भूमिका
आमतौर पर आंतों को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर और प्रोबायोटिक्स से भरपूर आहार, जबकि मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन और नियमित व्यायाम को जरूरी माना जाता है। हालांकि, नए शोध से संकेत मिलता है कि आंतों और मांसपेशियों की सेहत के बीच गहरा संबंध हो सकता है। वैज्ञानिक इस संबंध को ‘गट-मसल एक्सिस’ यानी आंत-मांसपेशी संबंध कहते हैं। इस विषय पर हो रही रिसर्च में दही, केफिर और कॉटेज चीज जैसे किण्वित खाद्य पदार्थों की भूमिका भी चर्चा में है।
आंतों के बैक्टीरिया मांसपेशियों को कैसे करते हैं प्रभावित?
आंतों में कई तरह के सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये सूक्ष्मजीव भोजन से पोषक तत्वों के उपयोग, ब्लड शुगर के नियंत्रण और शरीर में सूजन को नियंत्रित करने जैसी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं।शोध की समीक्षा के अनुसार, आंतों की स्वस्थ परत शरीर में हानिकारक पदार्थों के प्रवेश को रोकने में मदद करती है। वहीं, आंतों के माइक्रोबायोम या इस परत में असंतुलन होने पर सूजन बढ़ने की आशंका हो सकती है। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन मांसपेशियों के स्वास्थ्य और उनके काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
प्रोटीन के इस्तेमाल में भी हो सकती है मदद
मांसपेशियों की वृद्धि और उनकी मरम्मत के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है। प्रोटीन शरीर में अमीनो एसिड में टूटता है, जो मांसपेशियों के निर्माण के लिए आवश्यक होते हैं। आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीव भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के उपलब्ध होने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इससे शरीर को मिलने वाले अमीनो एसिड की मात्रा और उनके इस्तेमाल पर असर पड़ सकता है।इसके अलावा, आंतों की गतिविधियां शरीर के मेटाबॉलिज्म और कुछ हार्मोनल प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि आंतों के माइक्रोबायोम और मांसपेशियों के बीच संबंधों पर अभी शोध जारी है। इसके सभी पहलुओं और सीधे प्रभावों की पुष्टि के लिए और अध्ययन की जरूरत है।
आंतों और मांसपेशियों का संबंध है दोतरफा
गट-मसल एक्सिस केवल आंतों से मांसपेशियों तक सीमित नहीं है। मांसपेशियां भी शारीरिक गतिविधियों और मेटाबॉलिज्म के दौरान ऐसे अणु और पदार्थ उत्पन्न करती हैं, जो शरीर के दूसरे ऊतकों को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें आंतों से जुड़ी प्रक्रियाएं भी शामिल हो सकती हैं।इसलिए आंतों और मांसपेशियों की सेहत को अलग-अलग देखने के बजाय शरीर की एक-दूसरे से जुड़ी प्रणालियों के रूप में समझना महत्वपूर्ण है।
दही और केफिर जैसे खाद्य पदार्थ क्यों हैं अहम?
दही और केफिर जैसे किण्वित खाद्य पदार्थ कुछ लाभकारी सूक्ष्मजीवों के स्रोत हो सकते हैं। वहीं, कॉटेज चीज प्रोटीन उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है। संतुलित आहार में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करना आंतों और मांसपेशियों की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है, हालांकि इनका प्रभाव खाद्य पदार्थ की संरचना, सेवन की मात्रा और व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।
संतुलित आहार और व्यायाम पर दें ध्यान
आंतों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर युक्त फल, सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और नियमित शारीरिक गतिविधि को प्राथमिकता देना जरूरी है। जरूरत के अनुसार दही या अन्य किण्वित खाद्य पदार्थों को भी आहार में शामिल किया जा सकता है।कुल मिलाकर, गट-मसल एक्सिस पर हो रही रिसर्च यह समझने में मदद कर रही है कि आंतों का स्वास्थ्य और मांसपेशियों की कार्यक्षमता किस तरह एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, किण्वित खाद्य पदार्थों को मांसपेशियां मजबूत करने का सीधा उपाय मानने के बजाय उन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाना अधिक उचित है।

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