हर घर में हो रही ये गलती, बन सकती है हार्ट अटैक की वजह!

अच्छा खाना हर कोई चाहता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी किचन की कुछ छोटी-छोटी गलतियां सीधे आपके दिल की सेहत पर असर डाल सकती हैं? जी हां, सही चीज़ें खाने से ज्यादा जरूरी है उन्हें सही तरीके से पकाना। क्योंकि आपकी एक कुकिंग मिस्टेक बढ़ा सकती है LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) और घटा सकती है HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल)। जानिए 6 ऐसी कॉमन गलतियां, जो आपकी प्लेट को हेल्दी की बजाय हार्ट रिस्क से भर सकती हैं:

बार-बार एक ही तेल में तला खाना

तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें ट्रांस फैट बनने लगते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल और हार्ट ब्लॉकेज का सबसे बड़ा कारण हैं।

सॉल्यूशन: एक बार इस्तेमाल किया हुआ तेल दोबारा डीप फ्राई के लिए न लें।

हाई फ्लेम पर तेल गर्म करना

जब आप तेल को धुआं छोड़ने तक गर्म करते हैं, तो उसमें मौजूद गुड फैट्स टूटकर हार्मफुल कंपाउंड्स में बदल जाते हैं।

सॉल्यूशन: तेल को मीडियम फ्लेम पर धीरे-धीरे गर्म करें।

घी और बटर का ओवरयूज़

घी और मक्खन में सैचुरेटेड फैट्स होते हैं। अगर आप इन्हें रोज़ खाना पकाने में यूज़ कर रहे हैं, तो यह सीधे कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकता है।

सॉल्यूशन: सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही इस्तेमाल करें।

प्रोसेस्ड चीज़ों का तड़के में इस्तेमाल

सॉसेज़, मैगी मसाला, क्यूब्स, रेडीमेड ग्रेवी – इन सभी में हाई सॉल्ट, ट्रांस फैट और प्रिज़र्वेटिव्स होते हैं जो धीरे-धीरे ब्लड लिपिड्स को बढ़ा देते हैं।

सॉल्यूशन: ताजे मसालों और घर के बने पेस्ट का इस्तेमाल करें।

सब्जियों को जरूरत से ज्यादा पकाना

जब सब्जियां ज़्यादा देर तक पकती हैं, तो उनके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। नतीजा – शरीर को जरूरी फाइबर नहीं मिलता, जिससे कोलेस्ट्रॉल फ्लश आउट नहीं हो पाता।

सॉल्यूशन: सब्जियों को हल्का भूनें या भाप में पकाएं।

रेड मीट और फुल-फैट डेयरी को रोज़ पकाना

रेड मीट और फुल-क्रीम दूध/पनीर में सैचुरेटेड फैट्स ज्यादा होते हैं, जो LDL कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ा सकते हैं।

सॉल्यूशन: हफ्ते में 1–2 बार सीमित मात्रा में खाएं, और लो-फैट विकल्प अपनाएं।

कैसे रखें दिल को हेल्दी – किचन से ही:

ओलिव ऑयल या मस्टर्ड ऑयल का यूज़ करें
कम नमक और कम शक्कर में खाना बनाएं
Whole grains, दालें और हरी सब्ज़ियां शामिल करें
फ्राइंग की जगह स्टीमिंग, ग्रिलिंग या बेकिंग अपनाएं
खाना पकाते समय ध्यान रखें तापमान और समय का बैलेंस

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