गमले में उगाएं सेम की फली, जान लीजिए तरीका...
अगर आप घर में ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां उगाना चाहते हैं तो सेम की फली एक अच्छा विकल्प है। इसे ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। 12 से 15 इंच गहरे और चौड़े गमले में 50% बगीचे की मिट्टी, 30% वर्मीकम्पोस्ट या पुरानी गोबर की खाद और 20% रेत मिलाकर मिट्टी तैयार करें। बीजों को 6 से 8 घंटे पानी में भिगोकर 1 से 1.5 इंच गहराई में बोएं और हल्का पानी दें। करीब 5 से 8 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं।
धूप और पानी का रखें ध्यान
सेम की बेल को रोजाना 5 से 6 घंटे सीधी धूप की जरूरत होती है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी मिले। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। जब ऊपरी मिट्टी सूखने लगे तभी हल्का पानी दें। पौधा 6 से 8 इंच का होने पर गमले में लकड़ी या क्रीपर नेट का सहारा दें, ताकि बेल अच्छी तरह फैल सके और उसमें ज्यादा फूल व फलियां आ सकें।
खाद और कीटों से बचाव
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए महीने में एक बार मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर दो मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट डाल सकते हैं। अगर पौधे पर काले या हरे एफिड्स दिखाई दें तो पानी में थोड़ी मात्रा में नीम का तेल मिलाकर स्प्रे करें। बीज बोने के करीब 45 से 60 दिनों में फूल आने लगते हैं और इसके बाद तेजी से फलियां बनने लगती हैं। उचित धूप, पानी और सहारे से बेल पूरे सीजन अच्छी उपज दे सकती है।
तुड़ाई का सही समय
रोपाई के करीब 70 से 80 दिनों में हरी और भरी हुई सेम की फलियां पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं। फलियों को नरम और ताजी अवस्था में ही तोड़ना बेहतर होता है, क्योंकि ज्यादा पकने पर वे सख्त हो सकती हैं। एक बार फलियां लगना शुरू होने के बाद नियमित तुड़ाई से बेल लंबे समय तक ताजी हरी सब्जी देती रहती है।
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