पवारखेड़ा के माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में छात्राओं को दिया सड़क सुरक्षा का संदेश
नर्मदापुरम : सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से नर्मदापुरम यातायात पुलिस द्वारा माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, पवारखेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा एवं निरीक्षक सुनीता पटेल ने छात्राओं से संवाद कर सड़क सुरक्षा, नागरिक दायित्व तथा दुर्घटना के समय आवश्यक सावधानियों पर उपयोगी जानकारी साझा की। सड़क पर अनुशासन, जीवन की सुरक्षा का आधार उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का दुष्प्रभाव केवल दुर्घटना में शामिल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार इसकी पीड़ा झेलता है। अनेक दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी, लापरवाही और असावधानी के कारण होती हैं। इसलिए सुरक्षित यातायात के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक का सहयोग और स्वयं का अनुशासन भी जरूरी है।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे सड़क पर चलते समय सजग रहें, नियमों का पालन करें और अपने परिवार में भी सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन किसी दबाव में नहीं, बल्कि जीवन की अनमोलता को समझते हुए किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने यातायात नियमों का पालन करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
श्री मिश्रा ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना की स्थिति में समय पर मदद और उचित प्रक्रिया की जानकारी पीड़ितों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
निरीक्षक सुनीता पटेल ने समझाए सुरक्षित यातायात के जरूरी नियम
निरीक्षक सुनीता पटेल ने छात्राओं को हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा, यातायात संकेतों के पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से परहेज तथा नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक नियम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित शासकीय योजनाओं और उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताया। साथ ही आपात स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने, अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सहायता करने तथा उचित प्राथमिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डाला। समय पर की गई जिम्मेदार पहल किसी जरूरतमंद के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती जॉयस सोलोमन, विधायक प्रतिनिधि श्रीमती प्रीति चिरगानिया, मंच संचालक चंद्रेश मालवीय तथा वरिष्ठ शिक्षक राजेश चौधरी और शैलेन्द्र नेमा उपस्थित रहे।
नर्मदापुरम यातायात पुलिस का संदेश
सुरक्षित सड़कें केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों के जिम्मेदार व्यवहार से बनती हैं। नर्मदापुरम यातायात पुलिस सभी विद्यार्थियों और नागरिकों से आग्रह करती है कि वाहन चलाते समय जल्दबाजी और लापरवाही से बचें, हेलमेट एवं सीटबेल्ट का नियमित उपयोग करें और सड़क पर पैदल चलने वालों सहित प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा का सम्मान करें।
याद रखें—सड़क पर लिया गया एक जिम्मेदार निर्णय किसी परिवार को जीवनभर के दुख से बचा सकता है। नियमों को अपनी आदत बनाएं, क्योंकि मंजिल तक सुरक्षित पहुंचना ही सबसे महत्वपूर्ण है।**
नर्मदापुरम यातायात पुलिस
रिपोर्टर : संतोष सिंह चंदेल

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