13 साल बाद IAS दिव्या मित्तल ने छोड़ी नौकरी, अजय राय बोले- कांग्रेस देगी टिकट?

यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं, रुचियों और परिवार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। उनके इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दिव्या मित्तल को ईमानदार अधिकारी बताते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र भेजा है। उन्होंने अधिकारियों के सम्मान और उनकी स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा की मांग की है।

अजय राय ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से 13 आईएएस और 7 आईपीएस अधिकारियों ने इस्तीफा दिया या वीआरएस लिया है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानजनक और स्वतंत्र माहौल मिलना चाहिए।

दिव्या मित्तल के राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच अजय राय ने भी बड़ा बयान दिया है। उनसे जब पूछा गया कि अगर दिव्या मित्तल चुनाव लड़ना चाहेंगी तो क्या कांग्रेस उन्हें टिकट देगी, इस पर उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज के लिए काम करना चाहता है और चुनाव लड़ना चाहेगा, पार्टी उस पर निश्चित तौर पर विचार करेगी।

राहुल गांधी से दिव्या मित्तल की मुलाकात के सवाल पर अजय राय ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि देश के लिए अच्छा काम करने वाले कई अधिकारी राहुल गांधी से जुड़ रहे हैं।

इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर अपनी 13 साल की प्रशासनिक यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की थी। लेकिन देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें भारत वापस ले आई और उन्होंने आईएएस बनने का फैसला किया।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देवरिया और मीरजापुर में काम करने के अनुभवों को याद किया। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर उन्हें लोगों के लिए काम करने और उनके जीवन में बदलाव लाने का अवसर मिला।

अपने विदाई संदेश में दिव्या मित्तल ने उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने लहुरिया दह की पहाड़ी की एक बुजुर्ग महिला का भी जिक्र किया, जिसने गांव में पहली बार पानी पहुंचने के बाद उन्हें आशीर्वाद दिया था।

दिव्या मित्तल ने भावुक अंदाज में कहा कि भले ही प्रशासनिक पद छूट गया है, लेकिन देश की मिट्टी से मिला सपना और लोगों का वह अपनापन कभी नहीं छूटेगा।

अब उनके इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या दिव्या मित्तल आगे सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय होंगी या फिर राजनीति में कदम रखेंगी।

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