IIA की 318वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में रचा गया इतिहास- हुए चार ऐतिहासिक समझौते

IIA की 218वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में रचा गया इतिहास- हुए चार ऐतिहासिक समझौते 

 

Indian Industries Association - IIA - An apex representative body of Micro, Small and Medium Enterprises | LinkedIn

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य, कौशल विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन (IIA) की 318वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) की बैठक का आयोजन IIA भवन लखनऊ में हुआ। 100 से अधिक प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में प्रदेश के MSME और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश गोयल के नेतृत्व में हुए इन समझौतों का सीधा उद्देश्य वोकेशनल व प्रोफेशनल शिक्षा, अप्रेंटिसशिप, FPOs, ग्रामीण उद्यम और रोजगार सेवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ना है। ​इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव श्री हरिओम (IAS) तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के मिशन निदेशक श्री पुलकित खरे (IAS) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अब ​जानिए किन 4 क्षेत्रों में हुए समझौते:
​1. ITI और उद्योगों के बीच 'इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट कनेक्ट'
​प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग (उ.प्र. सरकार) और IIA के बीच हुए पहले MoU के तहत राज्य केआईटीआई को IIA के व्यापक चैप्टर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट्स , इंस्डस्ट्रियल विजिट्स और मेंटरशिप के सीधे अवसर मिलेंगे। और आईटीआई  पास-आउट युवाओं को आईआईए एम्प्लॉयमेंट सर्विसेज पोर्टल के जरिए सदस्य उद्योगों में रोजगार से जोड़ा जाएगा।

​2. UPSDM यानि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के साथ 'स्किल-टू-एंप्लॉयमेंट' मॉडल
​दूसरे MoU के तहत UPSDM यानि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन   से प्रशिक्षित युवाओं को सीधे आईआईए  के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके तहत लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, NCR और बरेली को प्रथम चरण में शामिल किया गया है, जहाँ जॉब फेयर और व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन होगा।

​3. वाधवानी फाउंडेशन संग उद्यमिता को बढ़ावा
​तीसरे समझौते में  वाधवानी फाउंडेशन' के Accelerate Programme के साथ IIA का सहयोग आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे नए स्टार्टअप्स और उद्यमियों को सही प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिल सके।


​4. ग्रामीण उद्यम और FPO का विकास
​चौथे MoU के माध्यम से AFPO Development Council (AFDC) और IIA मिलकर ग्रामीण औद्योगिकीकरण, FPOs और निवेश को बढ़ावा देंगे। यह कदम प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान' को जमीनी स्तर पर लागू करने में मददगार साबित होगा।

 

​बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग डॉ हरिओम ने कहा:
​उत्तरप्रदेश सरकार ने बीते दशक में कौशल विकास का ढांचा मजबूत किया है। अब हमारी प्राथमिकता इस प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार मिले। MSME उद्योग आगे आएं और आईटीआई  छात्रों को इंटर्नशिप व अप्रेंटिसशिप दें, इसमें आने वाली वित्तीय चुनौतियों में सरकार पूरा सहयोग करेगी।"


वहीं इस मौके पर बोलते हुए आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष  दिनेश गोयल ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा: ​"विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में MSME की भूमिका सबसे अहम है। ये चारों MoUs केवल कागजी समझौते नहीं हैं, बल्कि यह 'Government–Industry–Skill Partnership' को धरातल पर उतारने का एक व्यावहारिक रोडमैप हैं।


​इस महत्वपूर्ण बैठक में IIA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, महासचिव  दीपक बजाज, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश के.अग्रवाल, निवर्तमान अध्यक्ष नीरज सिंघल समेत कई पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव, उपाध्यक्ष और चैप्टर चेयरमैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में IIA वुमेन्स विंग की चेयरपर्सन आनंदी अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का धन्यवाद व्यक्त किया।

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