यूपी के MSMEs को मिलेगा ग्लोबल मंच; इंडिया फ़ूड एक्सपो का 'कंट्री पार्टनर' बनेगा नेपाल
कहते हैं कि जब दो मजबूत पड़ोसी हाथ मिलाते हैं, तो इतिहास की नई इबारत लिखी जाती है! और जब बात हो सदियों पुराने यार नेपाल और देश के सबसे बड़े औद्योगिक हब उत्तर प्रदेश की...तो समझ लीजिए कि तरक्की का रॉकेट लॉन्च होने के लिए बिल्कुल तैयार है! जी हां! सीमाओं की दीवारें अब ढह चुकी हैं और बिजनेस के नए रास्ते खुल चुके हैं! इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन यानी IIA ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला है, जिसने नेपाल और उत्तर प्रदेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार और MSME साझेदारी को एक नई और तूफानी गति दे दी है! नवाबों के शहर लखनऊ में सज गई एक ऐसी बिसात, जिसने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को हमेशा-हमेशा के लिए बदल कर रख दिया है! तो चलिए, आपको सीधे लिए चलते हैं लखनऊ के आलीशान होटल सेंट्रम में, जहाँ आर्थिक महाशक्ति बनने का खाका खींचा गया!
इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन ने नेपाल के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन एवं MSME सहयोग को नई दिशा देने की पहल करते हुए लखनऊ के होटल सेंट्रम में नेपाल दूतावास के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय रणनीतिक संवाद का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य नेपाल एवं उत्तर प्रदेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार, औद्योगिक सहयोग, निर्यात संवर्धन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, पर्यटन विकास तथा निवेश के नए अवसरों की पहचान करना था। कार्यक्रम में नेपाल दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों, उत्तर प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, निर्यातकों एवं MSME प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग को अधिक सशक्त एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा की। नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हिज एक्सेलेंसी डॉ. सुरेन्द्र थापा, चार्ज डी'अफेयर्स ने किया। उनके साथ तारा नाथ अधिकारी आर्थिक मंत्री, रविन्द्र जंग थापा आर्थिक परामर्शदाता तथा भेष प्रसाद भुर्तेल लेखा परामर्शदाता उपस्थित रहे। IIA की ओर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश के. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष अनिल गुप्ता, सलाहकार सीए के.के. अग्रवाल, अंतर्राष्ट्रीय संबंध प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमन अग्रवाल, राजीव बंसल, कैप्टन डॉ. राजेश कुमार तिवारी, विकास खन्ना, विधु गुप्ता, ए.सी. सोती, आनंदी अग्रवाल, अपर्णा मिश्रा सहित प्रदेश के अनेक उद्योगपति एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
वहीं कार्यक्रम का संचालन करते हुए अमन अग्रवाल ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एवं भौगोलिक निकटता को आर्थिक साझेदारी में परिवर्तित करने का यह उपयुक्त समय है। उन्होंने पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा MSME विकास के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
वहीं IIA का परिचय देते हुए राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश के. अग्रवाल ने बताया कि चार दशकों से अधिक समय से MSME क्षेत्र की सेवा कर रही IIA आज उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक चैप्टरों एवं 16,500 से अधिक सदस्य इकाइयों के माध्यम से उद्योगों को नीति सहयोग, निर्यात संवर्धन, डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास, रोजगार सेवाएँ तथा औद्योगिक विकास से जोड़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से IIA की अभिनव सेवाओं जैसे IIA Chatbot, IIA Employment Services, IIA Mart, Export Facilitation Centre, IIA Knowledge Bank, IIA News, Live Webinar Support एवं Online Help Centre का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्लेटफॉर्म MSME को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं।
वहीं बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन, सीमा-पार लॉजिस्टिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा तथा विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। नेपाल दूतावास ने भारतीय उद्यमियों को नेपाल में उपलब्ध निवेश अवसरों, उदार विदेशी निवेश नीतियों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों तथा व्यापार-अनुकूल सुधारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। नेपाल दूतावास के चार्ज डी'अफेयर्स डॉ. सुरेन्द्र थापाने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और जन-जन के संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को क्षेत्रीय समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया तथा भारतीय उद्योगों को नेपाल में निवेश, नवाचार और दीर्घकालिक साझेदारी के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। आपको बता दें इस अवसर पर IIA ने नेपाल दूतावास को आगामी 11वें इंडिया फ़ूड एक्सपो, जो 18-20 सितंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित होगा, में "कंट्री पार्टनर" के रूप में भागीदारी का औपचारिक प्रस्ताव भी सौंपा। नेपाल दूतावास ने इस पहल का स्वागत करते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने इस पहल को उत्तर प्रदेश के MSME, निर्यातकों एवं उद्यमियों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय अवसरों का द्वार बताते हुए कहा कि IIA आने वाले समय में नेपाल के साथ व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगा। संयुक्त औद्योगिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। संस्थागत सहयोग को और अधिक मजबूत किया जाएगा। ऐसे में यह संवाद भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने तथा उत्तर प्रदेश के MSME को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देखा जाए तो उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच हुआ यह रणनीतिक संवाद केवल एक बैठक नहीं, बल्कि आने वाले सुनहरे आर्थिक भविष्य की मजबूत बुनियाद है। एक तरफ जहाँ IIA के डिजिटल टूल्स और 16,500 से अधिक सदस्यों की ताकत उत्तर प्रदेश के उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नेपाल की उदार निवेश नीतियां हमारे उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बंद दरवाजे खोल रही हैं। वहीं आगामी सितंबर 2026 में होने वाला 'इंडिया फ़ूड एक्सपो' इस दोस्ती को एक नया वैश्विक मंच देगा। निश्चित रूप से, सीमाओं के पार जाकर किया गया IIA का यह प्रयास उत्तर प्रदेश के MSME क्षेत्र को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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