'BJP कौन होती है हमारे मामलों में बोलने वाली?': IYC कार्रवाई पर सवाल उठाने पर भड़के इमरान मसूद

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की विशाल रैली के बाद शुरू हुआ राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। रैली में शामिल न होने के कारण यूथ कांग्रेस द्वारा अपने कई पदाधिकारियों पर की गई बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सवाल उठाए, तो सहारनपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद बुरी तरह भड़क गए। मसूद ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ताधारी दल को कांग्रेस के आंतरिक मामलों में दखल देने या सवाल खड़े करने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है।

"हमारी पार्टी के अंदरूनी मामलों से बीजेपी का क्या लेना-देना?"

सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने बीजेपी नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "बीजेपी कौन होती है हमारे ऊपर सवाल उठाने वाली? हमारी पार्टी के आंतरिक संगठनात्मक फैसलों से उनका आखिर क्या लेना-देना है? वे अपनी पार्टी संभालें, कांग्रेस क्या कार्रवाई करती है और किसे सस्पेंड करती है, इससे उन्हें क्या फर्क पड़ता है?"

इमरान मसूद ने जोर देकर कहा कि हर राजनीतिक दल के अपने नियम और अनुशासन होते हैं। अगर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व या युवा संगठन कोई कार्यक्रम तय करता है, तो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का यह दायित्व है कि वे उसमें भाग लें। अगर कोई अनुशासन तोड़ता है, तो उस पर कार्रवाई करना पार्टी का अपना अधिकार क्षेत्र है। इसमें बीजेपी की बयानबाजी बेतुकी और अवांछनीय है।

रामलीला मैदान रैली से गायब रहने पर 200 से अधिक नेता सस्पेंड

गौरतलब है कि नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन द्वारा आयोजित की गई 'वोट चोरी' विरोधी विशाल रैली के दौरान बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी नदारद रहे थे। इसे संगठनात्मक अनुशासनहीनता मानते हुए भारतीय यूथ कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया और देश भर के 200 से भी अधिक सदस्यों और पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

इसी कड़ी में मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने संगठन के 60 वरिष्ठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए नेताओं में 9 जिला अध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कार्यक्रम से अनुपस्थित रहना पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है।

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