“भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीयूष गोयल: आज का दिन ऐतिहासिक है”
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पेश किया गया है, जिसे दोनों देशों के बीच होने वाली ट्रेड डील की बुनियाद माना जा रहा है। इस पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसमें भारतीय किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है।पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है और यह दिन भारत के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मजबूत आपसी रिश्तों का परिणाम है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए आज का दिन बेहद अहम है। दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों, कूटनीतिक समझ और नेताओं की दोस्ती को देखते हुए फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की गई थी। इसका मकसद भारत और अमेरिका के बीच सालाना 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को हासिल करना है।” उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की दिशा में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।

गोयल ने आगे कहा कि देशभर में भविष्य को लेकर जबरदस्त सकारात्मकता है और आने वाले समय में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि करीब 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला अमेरिका अब भारतीय निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा बाजारों में शामिल होगा।
इन उत्पादों पर मिलेगी जीरो ड्यूटी-वाणिज्य मंत्री ने बताया कि कई भारतीय उत्पादों को अमेरिका में निर्यात करने पर अब शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा। इनमें रत्न और हीरे, फार्मास्युटिकल उत्पाद और स्मार्टफोन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे और भी कई उत्पाद होंगे, जिन पर जीरो ड्यूटी लागू की जाएगी।

कृषि उत्पादों के लिए भी बड़ी राहत-पीयूष गोयल ने बताया कि कृषि क्षेत्र में भी कई वस्तुएं ऐसी हैं, जिन्हें भारत अमेरिका को शून्य रेसिप्रोकल टैरिफ पर निर्यात करेगा। इनमें मसाले, चाय, कॉफी और उनसे जुड़े उत्पाद, नारियल व नारियल तेल, वेजिटेबल वैक्स, सुपारी, ब्राजील नट, काजू और चेस्टनट शामिल हैं। इसके अलावा कई फल और सब्जियां भी इस सूची में होंगी।
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