1 अप्रैल से शुरू हो रही महा-जनगणना 2027: घर-घर होगी जानकारी
सावधान हो जाइए! कल यानी 1 अप्रैल से आपके दरवाजे पर दस्तक होने वाली है, लेकिन इस बार हाथ में मोटा रजिस्टर नहीं बल्कि हाई-टेक टैबलेट और मोबाइल ऐप होगा। जी हां देश की महा-जनगणना 2027 का बिगुल बज चुका है! यह कोई मामूली गिनती नहीं, बल्कि आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा डिजिटल धमाका है। पहली बार जाति का डेटा जुटेगा, पहली बार लिव-इन कपल्स को लेकर सरकार ने अपना नजरिया बदला है और पहली बार आपके घर की सटीक लोकेशन सीधे सैटेलाइट मैप पर दर्ज होगी।
अगर आप लाइन में नहीं लगना चाहते, तो सरकार ने 'सेल्फ एन्यूमरेशन' का वीआईपी रास्ता भी खोल दिया है। आपको बता दें इस बार की जनगणना पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होने जा रही है। सरकार ने जियो-रेफरेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि जनगणना कर्मी जब आपके घर आएगा, तो वह आपके मकान की सटीक लोकेशन मैप पर मार्क करेगा। इससे हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
पहला चरण 1 अप्रैल से शुरु होगा। इसमें 'हाउस लिस्टिंग' होगी, यानी आपके मकान की बनावट, कमरों की संख्या और सुविधाओं का हिसाब लिया जाएगा। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस चरण में असली जनसंख्या गणना होगी, जिसमें लोगों की व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं सरकार ने बदलते समाज की हकीकत को स्वीकार करते हुए कुछ क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। जैसे अगर कोई जोड़ा लंबे समय से बिना शादी के साथ रह रहा है और खुद को स्थायी साथी मानता है, तो जनगणना में उन्हें विवाहित की श्रेणी में ही दर्ज किया जाएगा।
आजादी के बाद यह पहली बार होने जा रहा है जब जनगणना में जाति से जुड़ा डेटा भी इकट्ठा किया जाएगा। इससे पहले साल 1931 में ऐसा हुआ था। यह डेटा भविष्य की राजनीति और आरक्षण की नीतियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि कोई आपके घर न आए, तो आप खुद भी जानकारी भर सकते हैं। आपको जनगणना पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से रजिस्टर करना होगा। 16 भाषाओं में से अपनी भाषा चुनें और 33 सवालों के जवाब दें।
वहीं अगर जनगणना कर्मी आपके घर आता है तो वो आपसे 33 सवाल पूछेंगे, जिसमें घर की दीवारें किस चीज की बनी हैं, शौचालय है या नहीं, पीने का पानी कहाँ से आता है, और आपके पास लैपटॉप, इंटरनेट या कार है या नहीं, जैसी जानकारियां शामिल होंगी। वे आपसे आपका बैंक बैलेंस, मासिक आय, आधार नंबर या OTP कभी नहीं मांगेंगे। अगर कोई मांगे, तो समझ जाइए वो जनगणना कर्मी नहीं है!
ऐसे में तैयार हो जाइए डिजिटल इंडिया के इस सबसे बड़े सर्वे का हिस्सा बनने के लिए। यह जनगणना सिर्फ सिरों की गिनती नहीं है, बल्कि यह तय करेगी कि अगले 10 सालों तक आपके इलाके में कितनी सड़कें, कितने स्कूल और कितनी सुविधाएं बनेंगी। बिना किसी डर और बिना किसी दस्तावेज को दिखाए, अपनी सही जानकारी दर्ज कराएं क्योंकि आपका एक 'क्लिक' देश का भविष्य तय करेगा।
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