India गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, CEC के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर आर-पार की लड़ाई

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के तमाम दिग्गज नेताओं और सांसदों ने बाराखंबा रोड चौराहे से सुप्रीम कोर्ट की तरफ एक विशाल विरोध मार्च निकाला है। विपक्षी दलों का यह प्रतिनिधिमंडल शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाएगा और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेगा।

इस हाई-प्रोफाइल मार्च में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई बड़े नेता शामिल हुए। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ-साथ सीपीआई (CPI) और सीपीएम (CPM) के वरिष्ठ नेता भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

"मुख्य चुनाव आयुक्त को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं"- सचिन पायलट

मार्च के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "पूरा देश आज सड़कों पर है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खर्गे के नेतृत्व में देश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता यहां एकत्र हुए हैं। हम सबकी एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी बात सुने। मुख्य चुनाव आयुक्त ने जो किया है, वह पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक है। उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा।" पायलट ने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा पेश किए गए 'वोट चोरी' के सबूत यह साबित करते हैं कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं और नेताओं को जेल में डाला जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने भी बोला हमला

समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आयोग पूरी तरह से सत्ताधारी दल (BJP) के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "बीजेपी अभी भी फर्जी वोट दर्ज करवा रही है। उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में दोहरे वोट मौजूद हैं। इतनी बड़ी कवायद और करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी आप मतदाता सूची को दुरुस्त नहीं कर पाए।"

सपा सांसद आनंद भदौरिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते और उन्हें उनके पद से हटाया नहीं जाता। वहीं, सीपीआई के महासचिव डी. राजा ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट के भीतर 'इंडिया' गठबंधन की ओर से 10 प्रमुख नेता विधिवत हस्ताक्षर कर याचिका सौंपेंगे, जिसके वे खुद भी एक हस्ताक्षरकर्ता हैं।

हाई सिक्योरिटी और कड़े पहरे के बीच विरोध प्रदर्शन जारी

भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन Force (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की तैनाती के बावजूद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ है। मध्य दिल्ली के कई इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट भी बंद रखे गए हैं। इसके बावजूद 'इंडिया' गठबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जाती, उनका यह विरोध प्रदर्शन और कानूनी संघर्ष विभिन्न स्तरों पर जारी रहेगा।

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