व्हाट्सएप की एक क्लिक और खाते से उड़ गए लाखों, बेटमा में साइबर ठगों का बड़ा वार

देपालपुर : डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। बेटमा थाना क्षेत्र में सामने आए दो ताजा मामलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मोबाइल पर आने वाली एक अनजान लिंक आपकी वर्षों की कमाई पल भर में साफ कर सकती है। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप पर फर्जी लिंक भेजकर दो लोगों के क्रेडिट कार्ड से कुल 2 लाख 76 हजार 50 रुपये की रकम उड़ा दी। दोनों घटनाएं लगभग एक जैसी होने से पुलिस को संगठित साइबर गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है।

ग्राम धरावरा धाम निवासी जितेन्द्र कामदार (45) के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से लिंक भेजी। जैसे ही उन्होंने लिंक ओपन की, उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 93 हजार 865 रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम कटने के मैसेज मिलने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

इसी तरह लाइफ सिटी कॉलोनी, कालीबिल्लौद निवासी धर्मेन्द्र सिंह चंद्रावत (45) भी साइबर ठगों के जाल में फंस गए। उनके मोबाइल पर आई लिंक को ओपन करते ही उनके बैंक ऑफ बड़ौदा, पीथमपुर शाखा से जुड़े क्रेडिट कार्ड से 82 हजार 185 रुपये की राशि निकाल ली गई।

एक जैसी लिंक, एक जैसा तरीका, एक जैसा शिकार

दोनों मामलों में साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर लोगों को झांसे में लिया। लिंक ओपन होते ही ठगों ने क्रेडिट कार्ड की जानकारी और बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच बनाकर खातों से रकम निकाल ली। वारदात का तरीका बिल्कुल समान होने से माना जा रहा है कि इसके पीछे कोई पेशेवर साइबर गैंग काम कर रहा है।
दोनों मामलों में बेटमा पुलिस ने अपराध क्रमांक 322/2026 एवं 323/2026 दर्ज कर धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66 आईटी एक्ट के तहत जांच शुरू कर दी है। पुलिस साइबर सेल की मदद से मोबाइल नंबरों, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल ट्रेल की पड़ताल कर रही है।

थाना प्रभारी मीना कर्णावत ने दी चेतावनी

बेटमा थाना प्रभारी निरीक्षक मीना कर्णावत ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त लिंक, केवाईसी अपडेट, बैंक ऑफर, इनाम या लॉटरी संबंधी संदेशों पर विश्वास न करें। ऐसी लिंक खोलने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करें, ताकि समय रहते राशि होल्ड करवाई जा सके।

"सावधान! एक क्लिक पड़ सकती है भारी"

बेटमा में सामने आए ये दोनों मामले इस बात का बड़ा उदाहरण हैं कि साइबर अपराधी अब गांव और कस्बों के लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। मोबाइल पर आने वाली एक संदिग्ध लिंक आपकी बैंकिंग सुरक्षा को चंद सेकंड में खत्म कर सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सौ बार सोचें।

रिपोर्टर : राहुल

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