जहरीले काले धुएं के गुबार से ग्रामीण परेशान, चंबल नदी प्रदूषण की चपेट में
इंदौर - बेटमा के समीप घाटा बिल्लौद स्थित चंबल नदी के किनारे पीथमपुर की कुछ निजी कंपनियों द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से औद्योगिक एवं खतरनाक अपशिष्ट (वेस्टेज) जलाए जाने का मामला सामने आया है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को जहरीले काले धुएं के कारण सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही क्षेत्र में वायु प्रदूषण भी तेजी से फैल रहा है। इस संबंध में घाटा बिल्लौद क्षेत्र के समाजसेवी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ठाकुर चंदन सिंह ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई किसान पराली जलाता है तो शासन तत्काल कार्रवाई कर उसे दंडित करता है, लेकिन निजी कंपनियों द्वारा चंबल नदी के किनारे खतरनाक एवं दूषित कचरा जलाए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक कचरा जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि चंबल नदी का पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि जिन कंपनियों द्वारा नदी किनारे कचरा डाला और जलाया जा रहा है, उनकी निष्पक्ष जांच कर कंपनी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रदूषण पर रोक लगाने तथा क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
रिपोर्टर - राहुल
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