Reel का चस्का पड़ सकता है भारी! इन जगहों पर वीडियो बनाया तो फंसेंगे

आज के इस इंस्टाग्राम, रील्स और शॉर्ट्स वाले दौर में हर दूसरा इंसान खुद को 'कंटेंट क्रिएटर' और 'चलती-फिरती फिल्म सिटी' समझ बैठा है। पार्क हो, रेलवे स्टेशन, मॉल या फिर कोई ऐतिहासिक किला...फोन निकाला और कैमरा ऑन! लेकिन जरा रुकिए...क्या आपने कभी सोचा है कि जिस अजनबी का हंसता हुआ चेहरा आप अपनी रील में मजे से शूट कर रहे हैं, या जिस ऐतिहासिक इमारत में आप ठुमके लगा रहे हैं, वो आपको जेल की हवा भी खिला सकता है? 

जी हाँ! सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज बटोरने का ये शौक आपको कानून की ऐसी बड़ी मुसीबत में डाल सकता है, जिसके बारे में शायद आपने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। आपको बता दें अगर कोई व्यक्ति किसी महिला की ऐसी स्थिति में तस्वीर या वीडियो लेता है जहाँ उसे प्राइवेसी की उम्मीद हो, तो यह गंभीर अपराध है। पहली बार पकड़े जाने पर 1 से 3 साल और दोबारा पकड़े जाने पर 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है! खास बात यह है कि अगर वीडियो शूट करने की सहमति थी भी, लेकिन उसे बिना पूछे आगे शेयर कर दिया, तब भी धारा 77 के तहत डंडा चल जाएगा। 

आपको बता दें यह कानून सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों पर लागू होता है। किसी की भी निजी अंगों या अंतरंग पलों की तस्वीर बिना सहमति के लेना, भेजना या पब्लिश करना 3 साल की जेल और 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का सीधा बुलावा है। साथ ही व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या टेलीग्राम पर कोई भी आपत्तिजनक या प्राइवेट वीडियो आगे फॉरवर्ड करना 'भेजने और पाने वाले' का निजी मामला नहीं है। बल्कि आईटी एक्ट की धारा 67 और 67A के तहत अश्लील सामग्री फैलाने पर भारी जुर्माने के साथ लंबी जेल हो सकती है! इतना ही नहीं प्रशासन का डंडा अब उन लोगों पर भी चल रहा है जो सोचते हैं कि सार्वजनिक जगह मतलब कानून की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट! 

हाल ही में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रशासन की ओर से ऐतिहासिक स्थलों और कुछ सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पाबंदी की बात सामने आई। इसी तरह झांसी रेल मंडल की ओर से भी रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेन में रील या वीडियो शूटिंग को लेकर रोक लगाई गई। ऐसे में अगर कोई आपके या आपके परिवार के साथ ऐसा करे, तो तुरंत सख्त कदम उठाएं। तुरंत आपत्ति जताएं और सामने वाले को वीडियो डिलीट करने को कहें।

अगर वीडियो यूट्यूब , इंस्टाग्राम या फेसबुक पर अपलोड हो चुका है, तो तुरंत रिपोर्ट करें। IT नियम 2021 के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 24 घंटे के भीतर ऐसी शिकायतों पर एक्शन लेना होता है। साथ ही तुरंत नजदीकी साइबर क्राइम स्टेशन जाएं या फिर आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। महिला अपमान के मामलों में राज्य या राष्ट्रीय महिला आयोग की मदद भी ली जा सकती है। साथ ही पब्लिक प्लेस पर वीडियो बना रहे हैं, तो अजनबियों के चेहरे ब्लर कर दें। अस्पताल, ट्रायल रूम या किसी के घर जैसी संवेदनशील जगहों पर अपना कैमरा हमेशा ऑफ रखें। 

कुल मिलाकर अब तो आप समझ ही गए होंगे कि सोशल मीडिया पर रील स्टार बनने का यह चस्का आपको रातों-रात कानून के कटघरे में भी खड़ा कर सकता है! अगली बार जब भी फोन का कैमरा ऑन करें, तो याद रखें कि आपके लाइक्स और व्यूज के चक्कर में किसी दूसरे की प्राइवेसी और कानून की मर्यादा तार-तार नहीं होनी चाहिए, वरना पुलिस की घंटी बजते देर नहीं लगेगी! आपको हमारी यह जानकारी कैसी लगी? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.