जंजन मस्जिद पर हवाई हमला: ईरान में खून और बर्बादी की तस्वीरें
दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध क्षेत्र की वो खबरें, जिन्होंने पूरी मानवता को हिलाकर रख दिया है। पश्चिम एशिया की धरती आज दहक रही है, और बारूद की गंध अब पवित्र इबादतगाहों तक पहुँच गई है। एक तरफ ईरान के जंजन शहर में मस्जिद पर भीषण हवाई हमला हुआ, तो वहीं दूसरी तरफ व्हाइट हाउस से डोनाल्ड ट्रंप का वो एलान जिसने सबको हैरान कर दिया है। ऐसे में सवाल है कि क्या ईरान में जंग का खेल खत्म हो चुका है? क्या खामेनेई की मौत के बाद अब अमेरिका इस जंग से हाथ खींचने वाला है? लेकिन ठहरिए...क्योंकि इजरायल के तेवर अब भी तल्ख हैं और लेबनान से लेकर तेहरान तक आसमान से मौत बरस रही है।
आपको बता दें पश्चिम एशिया में जारी यह जंग अब अपने सबसे निर्णायक और खौफनाक मोड़ पर पहुँच गई है। पिछले दो महीनों से जारी इस संघर्ष ने अब रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थलों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। बुधवार सुबह उत्तर-पश्चिमी ईरान का औद्योगिक शहर जंजन धमाकों की गूंज से दहल उठा। यहाँ की मशहूर 'ग्रैंड हुसैनीया' मस्जिद, जो शिया समुदाय की आस्था का केंद्र है, उस पर भीषण हवाई हमला हुआ। तेहरान से 300 किलोमीटर दूर इस शहर में हुए हमले में गुंबद और मीनारें ढह गईं। इस हमले में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हैं। मलबे के बीच बिखरी कुरान की आयतें और खून के धब्बे इस युद्ध के खौफनाक मंजर को बयां कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी घोषणा की जिसने दुनिया को चौंका दिया। ट्रंप ने साफ लहजे में कहा कि अगले 2 से 3 हफ्तों में अमेरिकी सेना ईरान छोड़ देगी। उन्होंने दावा किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन का जो लक्ष्य था, वो पूरा हो चुका है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा, "हमें युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है, हालांकि सेना हटने से पहले कोई डील हो जाए तो अलग बात है।" ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि उन्हें हॉर्मुज के बंद होने की परवाह नहीं है, वे इसके बिना भी जंग खत्म कर सकते हैं।
आपको बता दें कि इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला बोला था। उस हमले में ईरान के सबसे ताकतवर नेता खामेनेई की मौत हो गई थी। न सिर्फ खामेनेई, बल्कि उनकी बेटी, दामाद, बहू और नातिन समेत पूरा परिवार इस हमले की भेंट चढ़ गया। अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर तो बनाया गया है, लेकिन वे खुद घायल बताए जा रहे हैं और फिलहाल कहां हैं, यह एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।
हालांकि ट्रंप भले ही वापसी की बात कर रहे हों, लेकिन इजरायल के पीएम नेतन्याहू के इरादे फौलादी हैं। उन्होंने कहा है कि जंग खत्म करने की कोई डेडलाइन नहीं है। आज सुबह लेबनान के बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हुए हमलों में 8 लोग मारे गए। नेतन्याहू ने साफ कहा कि जब तक आतंक का ढांचा पूरी तरह खत्म नहीं होता, यह अभियान जारी रहेगा।
ऐसे में ईरान-अमेरिका की इस जंग ने दुनिया को दो फाड़ कर दिया है। एक तरफ ईरान के राष्ट्रपति शांति की गारंटी मांग रहे हैं, तो दूसरी तरफ IRGC अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों गूगल, एप्पल और टेस्ला को उड़ाने की धमकी दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि ट्रंप की वापसी का एलान क्या वाकई युद्ध का अंत है, या यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति? क्या तेल का संकट पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को गर्त में ले जाएगा? सवाल कई हैं, लेकिन जवाब सिर्फ धधकते हुए बमों और गिरती इमारतों के पास है।
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