ईरान ने दी चेतावनी: इजरायल के परमाणु ठिकानों पर करेगा हमले
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि अमेरिका और इजरायल उसकी मौजूदा व्यवस्था को बदलने की कोशिश करेंगे, तो वह सीधे इजरायल के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाएगा। एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी के अनुसार, सत्ता परिवर्तन की किसी भी कोशिश का जवाब रणनीतिक और कठोर तरीके से दिया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जिससे ईरानी जनता मौजूदा शासन को बदल सके। ईरान ने इसे अपने आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की रणनीति केवल सैन्य अड्डों तक सीमित नहीं है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड और उससे जुड़े अर्धसैनिक संगठनों के ठिकानों के साथ-साथ पुलिस स्टेशनों को भी निशाना बनाया गया है। कई पुलिस ठिकानों पर हमले ने आंतरिक सुरक्षा तंत्र पर दबाव बढ़ा दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों का मकसद केवल सैन्य क्षमता कम करना नहीं, बल्कि शासन की पकड़ कमजोर करना भी है। मध्यम स्तर के कमांडरों, फील्ड इकाइयों और कमांड सेंटरों पर हमलों से प्रशासनिक नियंत्रण प्रभावित हो रहा है और विरोध प्रदर्शनों को रोकने की क्षमता घट सकती है।
इजरायली सूत्रों का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रह सकता है, जब तक वास्तविक राजनीतिक बदलाव नहीं दिखाई देता। वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी संप्रभुता को चुनौती देने या शासन गिराने की दिशा में किसी भी कदम का जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर होगा। परमाणु प्रतिष्ठानों को संभावित निशाने पर रखने की चेतावनी ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। लेकिन मौजूदा हालात बताते हैं कि तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।

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