इस्लामाबाद में 'महा-बैठक' की तैयारी: अमेरिका-ईरान में 24 अप्रैल को हो सकती है दूसरी वार्ता!
मिडिल-ईस्ट की जंग के बीच एक ऐसी खबर आ रही है जो पूरी दुनिया का नक्शा बदल सकती है। रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे अमेरिकी C-17 ग्लोबमास्टर, खाली कराए गए इस्लामाबाद के लग्जरी होटल और सड़कों पर कड़ा पहरा ये सब गवाही दे रहे हैं कि कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। क्या अगले हफ्ते इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच 'महा-डील' होगी? क्या डोनाल्ड ट्रंप खुद पाकिस्तान आकर इतिहास रचेंगे? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट...
पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य विमानों की लैंडिंग और रेड ज़ोन की नाकाबंदी इशारा कर रही है कि हाई-प्रोफाइल डेलिगेशन की आमद शुरू हो चुकी है। सेरेना और मैरियट जैसे होटलों को खाली कराना और नई बुकिंग पर रोक लगाना इस बात का संकेत है कि बातचीत का स्तर बेहद गोपनीय और उच्च स्तरीय है। 21 अप्रैल को 14 दिनों का सीजफायर खत्म हो रहा है। अगर शुक्रवार 24 अप्रैल से पहले कोई सहमति नहीं बनी, तो तनाव फिर से चरम पर पहुँच सकता है।
इस पूरी कूटनीति में पाकिस्तान के जनरल आसिम मुनीर 'साइलेंट प्लेयर' बनकर उभरे हैं। मुनीर की हालिया ईरान यात्रा ने बातचीत की जमीन तैयार की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल पाकिस्तान की तारीफ की, बल्कि डील होने पर खुद इस्लामाबाद आने का भी संकेत दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा 'होर्मुज स्ट्रेट' को खोलना एक बड़ा कूटनीतिक कदम है। ईरान दिखाना चाहता है कि वह व्यापार के लिए तैयार है। लेकिन सवाल वही है क्या ट्रंप 21 अप्रैल के बाद सीजफायर बढ़ाएंगे? या फिर वह किसी 'मैक्सिमम प्रेशर' वाली नई डील पर अड़ जाएंगे?
अप्रैल के दूसरे हफ्ते में हुई 21 घंटे की मैराथन बातचीत बेनतीजा रही थी, लेकिन इस बार माहौल अलग है। होर्मुज स्ट्रेट खुल चुका है और अमेरिका की दिलचस्पी बढ़ी है। क्या पाकिस्तान की धरती पर ईरान और अमेरिका की दशकों पुरानी दुश्मनी खत्म होगी? या फिर ये सिर्फ तूफान से पहले की शांति है?


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