शरीर में आयरन की कमी: कारण, लक्षण और डाइट से कैसे बढ़ाएं हीमोग्लोबिन

BY-UJJWAL SINGH

भारत में कम हीमोग्लोबिन यानी एनीमिया की समस्या काफी आम हो चुकी है. खासतौर पर महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है. हीमोग्लोबिन हमारे खून में मौजूद एक महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है, जो शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है.जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं. अक्सर लोग थकान, चक्कर आना या कमजोरी जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये शरीर में आयरन की कमी के संकेत हो सकते हैं. अच्छी बात यह है कि सही खानपान और संतुलित डाइट के जरिए आयरन की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है.

आयरन की कमी के लक्षणशरीर में आयरन की कमी को कैसे पहचानें | How To Identify Iron Deficiency in  body in Hindi | weird symptoms of iron deficiency in body in hindi |  OnlyMyHealth

जब शरीर में आयरन कम हो जाता है, तो हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है. इसके कारण व्यक्ति को जल्दी थकान महसूस होना, सांस फूलना, सिरदर्द, चक्कर आना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं होने लगती हैं. कई बार त्वचा का रंग भी पीला पड़ने लगता है. यदि इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह एनीमिया का रूप ले सकता है. इसलिए इन संकेतों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है.

आयरन की कमी क्यों होती है

आयरन की कमी अचानक नहीं होती, बल्कि यह धीरे-धीरे विकसित होती है. अनियमित भोजन, ज्यादा प्रोसेस्ड अनाज का सेवन, हरी सब्जियों की कमी और पौष्टिक भोजन न लेना इसके मुख्य कारण हैं. इसके अलावा कई बार पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में आसानी से अवशोषित नहीं हो पाता, जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन नहीं मिल पाता. इसलिए सिर्फ आयरन युक्त भोजन लेना ही नहीं, बल्कि उसका सही तरीके से शरीर में अवशोषण होना भी जरूरी है.शरीर में आयरन की कमी से होने लगती हैं ये बीमारी, बिना दवा के इन चीजों को  खाने से पूरी हो सकती है कमी - India TV Hindi

आयरन बढ़ाने वाले सुपरफूड्स

डाइट में कुछ खाद्य पदार्थ शामिल करके आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और चौलाई आयरन, फोलेट और फाइबर से भरपूर होती हैं. दाल, चना और अन्य दालें भी आयरन और प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं. इसके अलावा गुड़ और खजूर का सेवन भी शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है. कद्दू के बीज और रागी भी आयरन से भरपूर माने जाते हैं और इन्हें सलाद या रोजमर्रा के भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है.

आयरन के अवशोषण का महत्व

सिर्फ आयरन युक्त भोजन लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही तरीके से अवशोषण होना भी जरूरी है. विटामिन-C से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे नींबू, संतरा, अमरूद और टमाटर आयरन के अवशोषण को बढ़ाते हैं. इसलिए आयरन वाले भोजन के साथ इनका सेवन करना लाभकारी माना जाता है. वहीं भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से आयरन का अवशोषण कम हो सकता है, इसलिए इनके बीच कम से कम एक घंटे का अंतर रखना बेहतर होता है. हीमोग्लोबिन का स्तर बनाए रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. संतुलित आहार, आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन और सही भोजन संयोजन अपनाकर आयरन की कमी को काफी हद तक रोका जा सकता है. यदि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए, तो एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है.

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.