वैदपुरा पुलिस का 'सुपर कॉप' अवतार: भटक गई थी मासूम 'करिश्मा', फिर वर्दी वाले फरिश्तों ने ऐसे रचा मिलन का करिश्मा
इटावा : जब इरादे बुलंद हों और दिल में सेवा का जज्बा, तो वर्दी साक्षात देवदूत बन जाती है। कुछ ऐसा ही हैरतअंगेज नजारा आज वैदपुरा की धरती पर देखने को मिला, जहाँ मिशन शक्ति अभियान की गूँज के बीच एक मासूम की सिसकियां, पुलिस की मुस्तैदी से खिलखिलाहट में बदल गईं। रजमऊ रोड के उस वीराने में जब नन्हीं करिश्मा अपनों से बिछड़कर रास्ता भूल चुकी थी और उसकी आँखों में खौफ के साये थे, तभी थानाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह की जांबाज टीम उसके लिए ढाल बनकर खड़ी हो गई।
मिशन शक्ति फेज-5.0 की यह टीम सिर्फ गश्त पर नहीं थी, बल्कि किसी की खुशियां बचाने के मिशन पर थी। जैसे ही उ0नि0 मोहन सिंह और जांबाज सिपाही अमित कुमार की नजर उस बच्ची पर पड़ी, उन्होंने फौरन उसे अपनी सुरक्षा के घेरे में ले लिया। महिला हेड कांस्टेबल माया देवी और कांस्टेबल टीना सिंह ने जिस संवेदनशीलता के साथ उस डरी हुई बच्ची को थाने की महिला हेल्प डेस्क पर दुलारा, उसने साबित कर दिया कि यूपी पुलिस जितनी सख्त अपराधियों के लिए है, उतनी ही नरम अपनों के लिए। फोन की एक घंटी ने जब बेहाल परिजनों तक बेटी की सलामती की खबर पहुँचाई, तो मानों उनके उजड़े संसार में फिर से बहार आ गई। थाने के आंगन में जब पिता ने अपनी बिटिया को सीने से लगाया, तो वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं और जुबां पर सिर्फ एक ही बात थी— "वाह रे खाकी, तेरा जवाब नहीं!" ऑपरेशन मुस्कान के इस इमोशनल क्लाइमेक्स ने पूरे इटावा में पुलिस के मान को हिमालय से भी ऊँचा कर दिया है।
रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह

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