सिविल लाइन थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ई-रिक्शा चोर गिरोह गिरफ्तार

इटावा : थाना सिविल लाइन पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियान के तहत दो बेहद शातिर चोरों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है, जो लंबे समय से शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए आफत बने हुए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के कड़े पर्यवेक्षण, अपर पुलिस अधीक्षक नगर इटावा के कुशल मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में जब थाना सिविल लाइन पुलिस की टीम देर रात संदिग्ध वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग में जुटी थी, तभी मुखबिर से मिली एक सटीक और बेहद गोपनीय सूचना ने पुलिस को पूरी तरह अलर्ट कर दिया। पुलिस टीम ने बिना एक पल गंवाए नुमाइश मैदान के पास घेराबंदी की और चक्रव्यूह रचकर इन दोनों शातिर बदमाशों को दबोच लिया।

पकड़े गए इन शातिर अभियुक्तों की जब पुलिस ने अमली जामे तलाशी ली और कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो उनके पास से हुई बरामदगी ने सबके होश उड़ा दिए। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 02 चमचमाते ई-रिक्शा और भारी-भरकम 08 कीमती बैटरियां बरामद की हैं। पुलिसिया पूछताछ के आगे बदमाशों का सारा शातिराना अंदाज धरा का धरा रह गया और उन्होंने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर पलक झपकते ही ई-रिक्शा उड़ा लिया करते थे। इसके बाद वे गाड़ियों और उनकी महंगी बैटरियों को ठिकाने लगाकर औने-पौने दामों में बेचते थे और ऐश-ओ-आराम के लिए मोटी रकम कमाते थे। आरोपियों ने साफ तौर पर कबूला कि बीते 19 मई को सरैया चुंगी के पास से गायब हुआ आयुष कंपनी का ई-रिक्शा भी इन्हीं शातिर हाथों की करतूत थी।
पुलिस की गिरफ्त में आए इन शातिर चोरों में पहला दीपू पुत्र गंगाराम है, जो मूल रूप से नगला नधा थाना बसरेहर का रहने वाला है और वर्तमान में सिविल लाइंस की कांशीराम कॉलोनी में छिपकर रह रहा था। वहीं दूसरा आरोपी 20 वर्षीय साजिद खान पुत्र लईक है, जो मोहल्ला शाह कमर थाना कोतवाली का निवासी है। साजिद खान का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया है, जो पहले भी थाना कोतवाली से चोरी की बड़ी योजना बनाने के मामले में जेल की हवा खा चुका है। इस पूरी सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम देने वाली थाना सिविल लाइन की टीम में प्रभारी निरीक्षक श्री कण्व कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक मंगल सिंह, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार, कांस्टेबल अजय कुमार और कांस्टेबल पंकज कुमार शामिल रहे, जिनकी मुस्तैदी ने इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह

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