इटावा में हर्ष फायरिंग का ‘रौब’ पड़ा भारी, दो दबंगों का पुलिस ने चौराहे पर उतारा नशा

इटावा - कानून को अपनी जेब में समझने और खुशियों के आंगन को खौफ में बदलने वाले इन गुनहगारों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि इटावा पुलिस की बाज जैसी नजरें उनका पीछा कर रही हैं। बीते 7 मई को चौबिया इलाके में सजी एक शादी की महफिल में जब ये दोनों आरोपी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बारूद फूंक रहे थे, तब इन्हें सिर्फ अपनी झूठी शान दिख रही थी। लेकिन तभी लापरवाही से चलाई गई एक सनसनाती हुई गोली वहां मौजूद गौरव कुमार के हाथ में जा लगी। पल भर में ढोल-नगाड़ों की आवाजें चीखों में तब्दील हो गईं और शादी की खुशियां काफूर हो गईं। वारदात को अंजाम देकर ये दोनों आरोपी हवा के झोंके की तरह गायब हो गए थे।

इस दुस्साहसिक वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के सख्त आदेश पर चौबिया पुलिस इन आरोपियों की परछाई का पीछा कर रही थी। आज जैसे ही मुखबिर ने खबर दी कि ये दोनों आरोपी रैपुरा भट्टा तिराहे पर किसी नए मंसूबे के साथ हथियार चमका रहे हैं, वैसे ही थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह और जांबाज दरोगा पीर मोहम्मद ने अपनी टीम के साथ चीते जैसी रफ्तार से धावा बोल दिया।
इससे पहले कि आरोपी संभल पाते या अपनी पिस्टल पर हाथ साफ करते, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। जब इनकी जामा तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। इस खेल का एक मोहरा 39 साल का अधेड़ रमन कुमार निकला, तो दूसरा महज 19 साल का गाजियाबाद का रहने वाला जोश से अंधा हुआ युवक अंशुल! पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल हुई वो 0.32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल और उसका असल लाइसेंस भी जब्त कर लिया है। शादी का माहौल बिगाड़ने वाले इन शौकीनों का सारा रसूख अब थाने के लॉकअप में हवा हो चुका है, और सलाखों के पीछे ये कानून के इंसाफ का सामना कर रहे हैं।

रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.