इटावा में रिश्तों को मिली ‘नई किरण’: पुलिस की समझाइश से टूटने की कगार पर पहुंचे 3 परिवार फिर हुए एक लौटाई घरों की खुशियां
इटावा। कभी छोटी-सी बात रिश्तों में इतनी बड़ी दूरी बना देती है कि परिवार बिखरने की कगार पर पहुंच जाता है। लेकिन अगर समय रहते बातचीत हो, एक-दूसरे को समझने की कोशिश हो और कोई बीच में रिश्तों को जोड़ने वाला बन जाए, तो टूटते परिवार फिर से जुड़ सकते हैं। इटावा में पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र/नई किरण कार्यक्रम ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में 14 सितंबर को महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई हुई। यहां परिवारों के बीच चल रहे विवादों को सुना गया और दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने के बाद तीन परिवारों में आपसी सुलह-समझौता कराया गया।
परिवार परामर्श केंद्र की पहल से धर्मनगर की प्रिया और पंकज, लालपुरा तवैला की गौरी शंखवार और रोहित तथा कोतवाली क्षेत्र की जया और शैलेन्द्र के बीच आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया गया। समझाइश के बाद तीनों परिवारों ने आपसी सहमति से समझौता किया और रिश्तों को एक और मौका देने पर सहमति बनी।
इस दौरान महिला थाना प्रभारी सुश्री आकांक्षा सिंह, उप निरीक्षक बृजेंद्र बहादुर सिंह, काउंसलर चित्रा परिहार, काउंसलर नमिता तिवारी, महिला आरक्षीगण एवं परिवार परामर्श केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे। केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों की बात सुनी और संवाद के जरिए विवादों का समाधान कराने का प्रयास किया।
इटावा पुलिस की यह पहल सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जहां रिश्तों में आई दरार को समय रहते बातचीत और समझदारी से भरने की कोशिश की गई। पुलिस ने लोगों से भी अपील की कि छोटी-छोटी बातों को विवाद का रूप देने के बजाय संवाद और समझदारी से सुलझाएं, क्योंकि परिवार केवल एक घर नहीं, बल्कि समाज की सबसे मजबूत इकाई है।
रिपोर्टर - देवेन्द्र सिंह
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