बिखरते आशियानों को मिला नया जीवन! इटावा पुलिस के 'परिवार परामर्श केंद्र' ने एक ही दिन में कराई तीन परिवारों की घर वापसी, खिल उठे मायूस चेहरे
इटावा - जब रिश्तों की डोर कमजोर पड़ने लगी और बरसों के बंधन टूटने की कगार पर आ पहुंचे, तब इटावा पुलिस देवदूत बनकर सामने आई। मिशन शक्ति अभियान-5.0 और 'सुलह-समझौता से सुखी परिवार' के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव और अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में महिला थाने के परिवार परामर्श केंद्र में आज एक ऐसा करिश्मा हुआ, जिसने तीन बिखरते हुए परिवारों को टूटने से बचा लिया। महिला थाना प्रभारी सुश्री आकांक्षा सिंह, पुलिस टीम और समर्पित काउंसलर्स चित्रा परिहार व नमिता तिवारी की सूझबूझ और अथक प्रयासों ने रंग दिखाया। छोटी-छोटी गलतफहमियों और तकरार के चलते अदालत और थाने की दहलीज तक पहुंचे तीन जोड़ों—आगरा की रहने वाली रौशन खातून व नदीम उर्फ बब्लू, बकेवर की उमा व धर्मेन्द्र, और सिविल लाइन क्षेत्र की पूजा व मोहित—के बीच लंबे संवाद और काउंसलिंग के बाद आखिरकार दिल के गिले-शिकवे दूर हो ही गए।
आपसी रंजिश और कड़वाहट को भुलाकर जब इन तीनों जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें खुशी से नम हो गईं। बिखरने की कगार पर पहुंच चुके तीन आशियाने फिर से खिल उठे और बच्चे-परिजन मुस्कुरा उठे। इटावा पुलिस की इस संवेदनशील और अनूठी पहल ने साबित कर दिया कि संवाद और समझदारी से हर रिश्ते को बचाया जा सकता है। पुलिस ने समाज से अपील की है कि छोटी-छोटी बातों पर परिवार को टूटने न दें, क्योंकि परिवार ही समाज की असली ताकत है!
रिपोर्टर - देवेन्द्र सिंह

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