लखनऊ के पुराने इस्कॉन मंदिर श्री श्री गौर राधा कृष्ण मंदिर से निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, भक्तिभाव में डूबा शहर....
राजधानी लखनऊ में स्थित पुराने इस्कॉन मंदिर श्री श्री गौर राधा कृष्ण मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस दौरान मंदिर परिसर से लेकर यात्रा मार्ग तक "हरे कृष्ण, हरे कृष्ण" और "जय जगन्नाथ" के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बने और भगवान के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित रथ पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान थे। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से रथ की रस्सी खींचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, मृदंग, करताल और संकीर्तन की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक परिधानों में शामिल होकर भगवान के नाम का संकीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे।
रथयात्रा के मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान को प्रणाम किया गया तथा भक्तों के लिए शीतल पेयजल, फल और महाप्रसाद की व्यवस्था की गई। आयोजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता का संदेश देने वाला उत्सव है। इस यात्रा के माध्यम से भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच पहुंचकर सभी को समान भाव से आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते हैं।
रथयात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन एवं स्वयंसेवकों ने आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण इस भव्य रथयात्रा ने एक बार फिर लखनऊ की धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक संकीर्तन एवं महाप्रसाद ग्रहण कर भगवान श्री जगन्नाथ से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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