बस्तर के नन्हे वैज्ञानिकों ने देखी भविष्य के छत्तीसगढ़ की झलक; शैक्षणिक भ्रमण से लौटे छात्र
जगदलपुर - किताबी दुनिया से निकलकर जब बस्तर के नन्हे हाथों ने विज्ञान के चमत्कारों को छुआ और आधुनिक नवाचारों को देखा,तो उनकी आँखों में एक विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तैरने लगा। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान 2025-26 के तहत बस्तर जिले के सात विकासखंडों से चयनित 10 मेधावी विद्यार्थियों ने रायपुर की दो दिवसीय शैक्षणिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।
विज्ञान के सिद्धांतों से रूबरू हुए छात्र
भ्रमण की शुरुआत छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र,रायपुर से हुई। यहाँ बच्चों ने जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल मॉडलों के माध्यम से समझा। इस दौरान विद्यार्थियों ने सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर डॉ.अमित राम से सीधा संवाद किया। डॉ.राम ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा: "बस्तर के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि आप लक्ष्य तय कर जिज्ञासा के साथ आगे बढ़ें, तो विज्ञान के क्षेत्र में सफलता आपके कदम चूमेगी।"
संस्कृति, प्रकृति और आधुनिकता का संगम
यात्रा के दौरान बच्चों ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न पहलुओं को गहराई से जाना जैव विविधता: जंगल सफारी में वन्यजीव संरक्षण की बारीकियों को समझा। सांस्कृतिक विरासत: जनजातीय संग्रहालय और पुरखौती मुक्तांगन में प्रदेश की समृद्ध लोककला और आदिवासी परंपराओं को देखा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और नया रायपुर की औद्योगिक बसाहट देखकर बच्चों ने विश्व स्तरीय शहरी नियोजन का अनुभव किया। ऐतिहासिक परिचय: घड़ी चौक, जय स्तंभ चौक और तेलीबांधा जैसे प्रमुख स्थलों के भ्रमण से रायपुर के सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व को जाना।
कुशल मार्गदर्शन में मिली सफलता
यह आयोजन जिला कलेक्टर श्री आकाश छिकारा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बलिराम बघेल एवं जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडे के मार्गदर्शन में शिक्षक मनीष कुमार अहीर एवं राहुल बघेल ने बच्चों का पूरे सफर में सहयोग किया।
यह शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बना। वास्तविक अनुभवों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया और उन्हें भविष्य के लिए नई ऊर्जा प्रदान की।
रिपोर्टर - विवेक सोनवानी

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