एम.आई. रोड नरसिंह मंदिर के पीछे मंदिर-माफी की जमीन पर धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण

जयपुर - शहर के प्रतिष्ठित क्षेत्र एम.आई. रोड स्थित नरसिंह मंदिर के पीछे मंदिर-माफी श्रेणी की जमीन पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि पिछले 10 दिनों से बिना किसी सरकारी स्वीकृति, मंजूरी या वैध दस्तावेजों के निर्माण कार्य जारी है, जबकि शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक मौन है।

निर्माणकर्ता का दावा, कागजात आजकल में दिखाने का आश्वासन

स्थानीय नागरिकों द्वारा जब निर्माणकर्ता से निर्माण के आधार पूछे गए,तो उसने दावा किया कि जमीन उसे “लीज़” पर मिली है। लेकिन जब लीज़ संबंधी कागजात या निर्माण अनुमति मांगी गई, तो उसका जवाब था— “कागज़ हैं, लेकिन किसी और के पास रखे हुए हैं… आजकल में दिखा दूंगा।” हालांकि शिकायत के बाद 10 दिन बीत जाने के बाद भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

मंदिर-माफी की जमीन पर निजी निर्माण पूर्णतः अवैध

राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार नरसिंह मंदिर के पीछे जिस भूमि पर निर्माण हो रहा है, वह मंदिर-माफी श्रेणी में दर्ज है। कानून के अनुसार—मंदिर-माफी जमीन धार्मिक संस्था/मंदिर की संपत्ति मानी जाती है। ऐसी भूमि निजी कब्जे, खरीद-फरोख्त, या व्यावसायिक निर्माण के लिए नहीं दी जा सकती। बिना स्वीकृति किए गए किसी भी प्रकार के निर्माण को अवैध माना जाता है।

कानूनी आधार और कार्रवाई

राजस्व व नगर विकास नियमों के अनुसार प्रशासन को इन दस्तावेजों की जांच करनी होती है—लीज़/पट्टे की वैधता राजस्व अभिलेख (माफी रिकॉर्ड) भवन निर्माण स्वीकृति नक्शा व अनुमति आदेश यदि निर्माणकर्ता यह दस्तावेज़ नहीं दे पा रहा है, तो राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा हटाने और निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। 

स्थानीय लोगों में रोष और चिंता

नरसिंह मंदिर से जुड़े लोगों व स्थानीय नागरिकों ने बताया कि—“मंदिर की जमीन पर निजी निर्माण आस्था पर हमला है। यह न तो धर्मसम्मत है और न कानूनी तौर पर सही।” लोेगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि धार्मिक संपत्ति पर हो रहा अवैध कब्जा रोका जा सके।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मुद्दा एम.आई. रोड जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र का होने के बावजूद राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। केवल आश्वासन दिए गए हैं,जबकि निर्माण निरंतर जारी है।

निष्कर्ष

नरसिंह मंदिर के पीछे मंदिर-माफी की जमीन पर अवैध निर्माण न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक संपत्ति पर कब्जा है। 10 दिन तक दस्तावेज़ न दिखा पाना और प्रशासन की चुप्पी— दो बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।

रिपोर्टर - विजय भवानी 

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