एसएमएस अस्पताल में अवैध पार्किंग पर जांच कमेटी ‘खामोश’ — कार्रवाई क्यों अटकी? बड़े सवाल खड़े
जयपुर : एसएमएस अस्पताल परिसर में पिछले कई महीनों से बिना टेंडर के संचालित हो रही अवैध पार्किंग को लेकर अस्पताल प्रशासन ने जांच कमेटी तो गठित कर दी थी, लेकिन आज तक न तो किसी निर्णय पर पहुंचा गया और न ही कार्रवाई की गई।
इस चुप्पी ने पूरे मामले पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अवैध पार्किंग चलाने वाले ठेकेदारों के स्कैनर और बारकोड अस्पताल प्रशासन द्वारा जब्त किए गए थे, इसके बावजूद भी न तो ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज की गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई।
आखिरकार कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जब अवैध वसूली के सबूत मौजूद थे, तो ठेकेदारों पर रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई गई?
जांच कमेटी कई बैठकों के बाद भी किस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई—इसका कारण क्या है?
इस पूरी व्यवस्था को कौन संचालित कर रहा था, और अब तक उस अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या अस्पताल प्रशासन की उदासीनता ने अवैध वसूली करने वालों को संरक्षण दिया?
अस्पताल प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब अवैध पार्किंग में दो गुना तक शुल्क वसूला जा रहा था, तब संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की।
जनता से सीधा सवाल
एसएमएस अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों से अतिरिक्त वसूली की जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
क्या जांच कमेटी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है?
नतीजा — अवैध पार्किंग अब भी ‘अस्पष्ट’ निर्णयों के साये में
अवैध पार्किंग संचालन, जब्त किए गए स्कैनर, जांच कमेटी की धीमी कार्यवाही और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होना — यह पूरा मामला प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।
रिपोर्टर : विजयभवानी


No Previous Comments found.