अंतिम नोटिस के बाद भी अवैध निर्माण बेखौफ
जयपुर : न्यू कॉलोनी स्थित मकान नंबर E5 में बिना नगर निगम स्वीकृति के चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण ने नगर निगम किशनपोल ज़ोन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर निगम किशनपोल ज़ोन द्वारा दिनांक 5/8/2025 को इस निर्माणकर्ता को अंतिम नोटिस जारी किया जा चुका है, इसके बावजूद आज तक न तो सीजर कार्रवाई हुई और न ही निर्माण रोका गया।
फाइल पूरी, फिर भी कार्रवाई शून्य
इस पूरे मामले में जब जेईएन विजेंद्र मीणा से हमारे संवाददाता विजयभवानी ने कॉल पर बात कर जानकारी ली, तो जो तथ्य सामने आए वे बेहद गंभीर हैं।
जेईएन विजेंद्र मीणा ने साफ शब्दों में बताया—
“हमारी तरफ से पूरी सीजर फाइल तैयार है। हम आज ही कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होगी। मैं खुद E5 की सीजर फाइल जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह के पास लेकर गया, पर उनके आदेश हैं कि इस फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए।”
वॉइस रिकॉर्डिंग में बड़ा खुलासा
यह बयान सिर्फ मौखिक नहीं है, बल्कि जेईएन विजेंद्र मीणा और संवाददाता विजयभवानी के बीच हुई कॉल की वॉइस रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि—
जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह मकान नंबर E5 पर कार्रवाई नहीं करना चाहते।
दोहरा मापदंड क्यों?
यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि—
दिसंबर 2025 में जिन लोगों को अंतिम नोटिस दिए गए
उन पर गली-मोहल्लों में छोटे-छोटे वर्ग गज के मकानों पर तत्काल प्रभाव से सीजर कार्रवाई कर दी गई
तो फिर—
5/8/2025 को अंतिम नोटिस मिलने के बावजूद E5 जैसे बड़े निर्माण पर कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या नियम सिर्फ कमजोर और छोटे लोगों के लिए हैं?
क्या बड़े निर्माणकर्ताओं को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
मिलीभगत या लेनदेन?
अब यह मामला महज़ लापरवाही का नहीं रह गया है। सवाल यह भी है कि—
क्या जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह और निर्माणकर्ता के बीच मिलीभगत है?
या फिर किसी लेनदेन के चलते इस अवैध निर्माण को खुला संरक्षण दिया जा रहा है?
क्योंकि जब— अवैध निर्माण स्पष्ट है
अंतिम नोटिस जारी हो चुका है
जेईएन स्तर पर कार्रवाई की पूरी तैयारी है
तो फिर कार्रवाई न होना सीधे-सीधे संदेह को जन्म देता है।
जोन उपायुक्त की भूमिका सवालों के घेरे में
जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह की भूमिका अब पूरी तरह सवालों के घेरे में है।
क्या वे—
नियमों से ऊपर हैं?
या फिर चुनिंदा मामलों में ही कानून लागू किया जाता है?
उच्च अधिकारियों से जांच की मांग
अब मांग उठ रही है कि—
इस पूरे मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए
जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह की भूमिका की जवाबदेही तय हो
और E5 न्यू कॉलोनी के अवैध निर्माण पर तत्काल सीजर कार्रवाई की जाए
नज़र अब प्रशासन पर
अब देखना यह है कि—
क्या नगर निगम और उच्च प्रशासन इस गंभीर खुलासे पर संज्ञान लेता है?
या फिर E5 न्यू कॉलोनी का यह अवैध निर्माण भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
खुलासे जारी रहेंगे…
रिपोर्टर : विजयभवानी

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